मुंबईः रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने अपने पुत्र अनंत अंबानी के साथ शनिवार को मुंबई स्थित अपने आवास पर फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की मेजबानी की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच मित्रता, सहयोग और साझा मूल्यों पर आधारित रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति स्टब इन दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर भारत के प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन रायसीना डायलॉग के 11वें संस्करण का उद्घाटन किया था।
रायसीना डायलॉग में भारत के भविष्य पर भरोसा जताया
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के अध्यक्ष समीर सरन ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से यह मंच वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को समझते हुए भविष्य की दिशा तय करने का प्रयास करता रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का विषय “संस्कार” है, जो ऐसे विश्व को दर्शाता है जहां देश अपनी पहचान, संवाद और परिष्कार के माध्यम से आगे बढ़ रहे हैं।
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति स्टब ने कहा कि आने वाले दशक में वैश्विक परिदृश्य तेजी से भारत की ओर झुकता दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भविष्य भारत का है। यह केवल कूटनीतिक बात नहीं है। जनसंख्या, अर्थव्यवस्था और इतिहास-तीनों भारत के पक्ष में हैं।”
स्टब ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी करीब तीन घंटे लंबी बैठक को “बेहद सकारात्मक” बताया और कहा कि भारत में उन्हें बेहद गर्मजोशी से स्वागत मिला।
2013 के बाद भारत में बदलाव से प्रभावित
राष्ट्रपति ने अपने पिछले भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि 2013 के बाद देश में विकास और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय परिवर्तन दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सड़कों, इमारतों और शहरी विकास में तेजी से हुए बदलाव भारत की प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। स्टब ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे श्रम गतिशीलता और कौशल आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार यह सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी “टू-वे स्ट्रीट” साबित होगा।
मुंबई प्रवास के दौरान राष्ट्रपति स्टब ने ताज पैलेस होटल जाकर 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है और 26/11 जैसी घटनाएं बेहद भयावह थीं।
वैश्विक व्यवस्था में भारत की बड़ी भूमिका
राष्ट्रपति स्टब का मानना है कि दुनिया की शक्ति-संरचना बदल रही है और अब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भी वर्तमान समय के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया अब 1945 की परिस्थितियों में नहीं है, इसलिए वैश्विक संस्थानों को भी 2026 की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता देने की वकालत भी की। स्टब के अनुसार वैश्विक दक्षिण की दिशा तय करने में भारत की भूमिका निर्णायक होगी।