कोलकाताः देश में आम लोगों की रसोई पर एक बार फिर महंगाई का असर पड़ा है। तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार आधी रात से 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद घरेलू गैस सिलेंडर के दाम कई शहरों में बढ़ गए हैं और इसका सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने वाला है।
नई दरों के मुताबिक कोलकाता में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये हो गई है। वहीं 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 1,990 रुपये हो गई है।
गौरतलब है कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम अक्सर बदलते रहते हैं, लेकिन घरेलू एलपीजी की कीमतों में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था। ऐसे में अचानक हुई यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए झटका मानी जा रही है।
पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़ी चिंता
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों की राय में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। विशेष रूप से ईरान द्वारा महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने की खबरों ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। यदि इस मार्ग से जहाजों का आवागमन प्रभावित होता है, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति महंगी और जटिल हो सकती है।
तेल विपणन कंपनियों के एक अधिकारी के अनुसार, भले ही ईरान ने भारत के लिए मार्ग खुला रखने की बात कही हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में एलपीजी से भरे जहाजों के आने-जाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि गैस को अमेरिका जैसे दूरस्थ देशों से घुमावदार रास्तों से आयात करना पड़े तो परिवहन लागत बढ़ेगी और उसका असर कीमतों पर पड़ सकता है।
अफवाहों के बीच कंपनियों की अपील
इसी बीच सोशल मीडिया पर एलपीजी की संभावित कमी को लेकर कई तरह की पोस्ट और संदेश वायरल हो रहे हैं। इन अफवाहों को देखते हुए तेल कंपनियों ने लोगों से घबराने या जरूरत से ज्यादा गैस बुक करने से बचने की अपील की है।
कंपनियों का कहना है कि देश में फिलहाल एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
कोलकाता में इंडियन ऑयल के एलपीजी प्रमुख कृष्ण मोहन ठाकुर ने कहा कि देश के सभी बॉटलिंग प्लांट पाइपलाइन से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से गैस की आपूर्ति हो रही है, इसलिए लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
जमाखोरी रोकने के लिए उठाए कदम
हालांकि कंपनियों का कहना है कि बढ़ती अफवाहों के कारण कुछ लोग घबराकर ज्यादा गैस बुक करने लगे हैं। इस स्थिति से बचने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए गए हैं।
एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही अगली बुकिंग की अनुमति दी जा रही है।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए रिफिल बुकिंग को अस्थायी रूप से सीमित किया गया है।
केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही बुकिंग करने की सुविधा दी जा रही है।
डिस्ट्रीब्यूटरों के पास कितना स्टॉक
एचपी गैस डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के महासचिव संजय कुमार अग्रवाल के अनुसार डिस्ट्रीब्यूटरों के पास फिलहाल इतना स्टॉक मौजूद है कि करीब 10 दिनों तक गैस की आपूर्ति जारी रखी जा सकती है। वहीं फिलहाल नए कनेक्शन के लिए केवल सिंगल सिलेंडर कनेक्शन के आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। डबल सिलेंडर कनेक्शन की सुविधा को कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए नियम
तेल कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को गैस की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन इसके लिए उनका केवाईसी अपडेट होना जरूरी होगा। केवाईसी अपडेट नहीं होने पर गैस की आपूर्ति रोकी जा सकती है।
इस बीच केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को व्यावसायिक गैस के मुकाबले घरेलू एलपीजी के उत्पादन पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया है। साथ ही आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) भी लागू किया गया है।
हालांकि कंपनियों का दावा है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। हालांकि कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों के रसोई बजट को बिगाड़ दिया है।