कोलकाता : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल कार्यान्वयन की दिशा में कलकत्ता विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने अपने नए “कैरिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क (CCF 2022)” के तहत स्नातक पाठ्यक्रम के अंतिम चरण की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसी क्रम में 7 मार्च 2026 को कोलकाता के चर्चित महाराजा श्रीशचंद्र कॉलेज के सहयोग से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के वाणिज्य स्नातक अध्ययन बोर्ड (यूजी बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑफ कॉमर्स) द्वारा किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चार वर्षीय ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च पाठ्यक्रम के सातवें और आठवें सेमेस्टर के सिलेबस को अंतिम रूप देने के लिए संभावित चर्चा करना था।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को यूजी बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. जे.के. दास ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रम को उद्योग की वर्तमान जरूरतों और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उनका कहना था कि बदलते समय में शिक्षा को भी व्यावहारिक और आधुनिक बनाना जरूरी है।
विश्वविद्यालय के कॉलेज निरीक्षक डॉ. दीप्तेंदु चक्रवर्ती ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने वाले बहुविषयक ज्ञान की आवश्यकता है। इससे छात्र भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
कार्यशाला में पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी.आर. दंडपत ने मौजूदा सिलेबस की संरचना और प्रस्तावित बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में प्रो. सुभयन बसु, डॉ. सुधिन बेरा, प्रो. शर्मिष्ठा बनर्जी और प्रो. स्वप्न सरकार ने पांच नए प्रमुख विषयों के प्रारूप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
दूसरे सत्र में शेष पांच प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। इस सत्र में प्रो. जे.के. दास, प्रो. कोनिका चटर्जी, प्रो. आर.पी. चौधरी, डॉ. एस.पी. दत्ता, डॉ. अमित मजुमदार और डॉ. ए.के. दान ने अपने विचार साझा किए। साथ ही उपस्थित शिक्षकों के सुझाव भी शामिल किए गए।
इस कार्यशाला में कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 75 कॉलेजों के 200 से अधिक प्रोफेसरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. राजीव दासगुप्ता की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. देबजानी कुंडू और प्रो. साबा नाज़ ने किया। अंत में महाराजा श्रीशचंद्र कॉलेज के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णपद दाश ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।