कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गई है। इसी क्रम में पार्टी की एक महत्वपूर्ण कोर ग्रुप बैठक बुधवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में दोपहर करीब 3 बजे आयोजित की जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री और सांसद सुकांत मजूमदार, सांसद बिप्लब कुमार देब, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) सुनील बंसल तथा पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव सहित कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
उम्मीदवारों के नामों और चुनावी रोडमैप की तैयारी
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देना है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों पर शुरुआती चर्चा के साथ-साथ राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में यह भी देखा जाएगा कि राज्य की भाजपा इकाई ने अब तक चुनाव को लेकर किस तरह की तैयारी की है और किन क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने की आवश्यकता है। नेताओं के बीच विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से मिले जमीनी फीडबैक, बूथ स्तर की गतिविधियों और स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता पर भी चर्चा होने की संभावना है।
चुनावी अभियान और संगठन विस्तार पर जोर
कोर ग्रुप बैठक में चुनावी अभियान की रणनीति, प्रचार कार्यक्रमों की रूपरेखा और राज्य में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन होगा। पार्टी नेतृत्व का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और मतदाताओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति पर रहेगा। भाजपा नेतृत्व यह भी तय करेगा कि आने वाले महीनों में राज्यभर में किस प्रकार के कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएं, ताकि चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में बनाया जा सके।
‘परिवर्तन यात्रा’ से चुनावी माहौल बनाने की कोशिश
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। 1 मार्च 2026 से शुरू हुई इस यात्रा के तहत पार्टी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस अभियान में 5,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा, 63 बड़ी रैलियां और करीब 282 छोटी सभाएं आयोजित करने की योजना है। पार्टी के अनुसार, इस यात्रा का समापन कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी जनसभा के साथ किया जाएगा।
भाजपा इस अभियान में भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। इसके साथ ही विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे को भी चुनावी एजेंडे में शामिल किया गया है।
एक करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
भाजपा ने ‘परिवर्तन यात्रा’ और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से एक करोड़ से अधिक नागरिकों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पार्टी का प्रयास है कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करते हुए अधिक से अधिक मतदाताओं से संपर्क स्थापित किया जाए और पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार किया जाए।
चुनाव आयोग से कम चरणों में मतदान की मांग
हाल ही में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इसमें मतदाता सूची संशोधन, सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी तैयारियों पर जानकारी दी गई। भाजपा ने आयोग से मांग की है कि राज्य में चुनाव तीन चरणों या उससे कम चरणों में कराए जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और हिंसा मुक्त हो सके।
अप्रैल-मई में होने की संभावना
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। भाजपा इस चुनाव में 50 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी अपने चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बना रही है। पार्टी की यह कोर ग्रुप बैठक इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इसमें बंगाल में संगठन और चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।