बगदाद: इराक के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। यह जानकारी इराक स्थित भारतीय दूतावास ने दी है।
भारतीय दूतावास ने बताया कि अमेरिका के स्वामित्व वाला कच्चे तेल का टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहा था, उस पर इराक के बसरा के पास हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की जान चली गई।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि यह घटना 11 मार्च को हुई थी। हमले के बाद बाकी 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के संपर्क में लगातार बना हुआ है और हर संभव मदद दे रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संकट का 13वां दिन चल रहा है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते हमलों के कारण इराक के तेल बंदरगाहों पर तेल टर्मिनलों का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, हालांकि सामान्य व्यापारिक बंदरगाह अभी भी काम कर रहे हैं। यह फैसला उस घटना के बाद लिया गया जब तेल से भरा एक टैंकर लोडिंग के दौरान विस्फोट की चपेट में आ गया।जहाज-से-जहाज ट्रांसफर क्षेत्र में यह विस्फोट हुआ था। इस घटना में शामिल एक छोटा टैंकर माल्टा के झंडे के तहत चल रहा था। बचाव टीमों और नौसेना ने मिलकर 38 लोगों को बचाया, जिनमें एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई।
खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाज और नाविक
इस बीच भारत के पोत परिवहन मंत्री ने बताया कि इस समय फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत के झंडे वाले 28 जहाज काम कर रहे हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक हैं। जबकि 4 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं। सरकार ने कहा है कि इन सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खाड़ी में कई जहाजों पर हमले
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी उत्तरी खाड़ी क्षेत्र में एक गंभीर समुद्री हमले की चेतावनी जारी की थी।
क्षेत्रीय संघर्ष से बढ़ा खतरा
यह घटनाएं ऐसे समय हो रही हैं जब क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर भी सामने आई थी, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। तुर्की की समाचार एजेंसी अनादोलु द्वारा जारी वीडियो में उम्म क़स्र बंदरगाह के पास एक विदेशी तेल टैंकर आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाई दिया, जिसे कथित तौर पर ईरान से जुड़े हमले का परिणाम बताया गया।
भारत की चिंता
भारत ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। इससे पहले भी थाईलैंड के जहाज ‘मयूरी नरे’ पर हमला हुआ था, जो भारत आ रहा था और होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल से टकरा गया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ने चर्चा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाले ईरानी जहाजों को नष्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है, ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखा जा सके।