नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद अबू धाबी से एतिहाद और एयर अरेबिया की उड़ानें बंद हो गई थीं। 6–7 मार्च से दुबई की एमिरेट्स एयरलाइंस ने उड़ान संचालन शुरू कर दिया था लेकिन संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख हब अबू धाबी से उड़ानें बंद थीं। अब धीरे-धीरे अबू धाबी का आसमान भी सामान्य होने लगा है।
शनिवार को फ्लाइटरडार-ट्वेंटीफोर के उपग्रह चित्रों के अनुसार वहां से विमानों का उड़ान भरना और उतरना फिर से शुरू हो गया है। काफी दिनों बाद शुक्रवार शाम और आधी रात को एतिहाद की दो उड़ानें कोलकाता भी पहुंचीं। इनमें से एक उड़ान में 127 यात्री और दूसरी में 114 यात्री सवार थे। कोलकाता एयरपोर्ट के सूत्रों के अनुसार रविवार शाम को भी अबू धाबी से एतिहाद की एक उड़ान कोलकाता पहुंचेगी। इससे पहले एक दिन एयर अरेबिया की उड़ान भी कोलकाता पहुंची थी। हालांकि कतर का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है।
इसी कारण शनिवार को भी दोहा से शहर में कोई उड़ान नहीं आई। फ्लाइटरडार-ट्वेंटीफोर के उपग्रह चित्रों के अनुसार शनिवार रात को भी कतर का आसमान लगभग खाली दिखाई दिया और दोहा से कोई विमान उड़ान भरते या उतरते नहीं दिखे। दूसरी ओर दुबई से उड़ानों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि शनिवार रात को ईरान की ओर से दुबई और अबू धाबी के बंदरगाह क्षेत्रों के लिए संभावित हमले की नई चेतावनी भी जारी की गई है।
ट्रैवल एजेंटों का मानना है कि अबू धाबी से कोलकाता की उड़ानें शुरू होने से शहर के कई यात्रियों को सुविधा होगी। कोलकाता से यूरोप और अमेरिका जाने के लिए मुख्य रूप से तीन मार्ग हैं, जो दुबई, अबू धाबी और दोहा के रास्ते जाते हैं। दुबई के बाद अबू धाबी से भी उड़ानें शुरू होने से लंबे समय से फंसे कई यात्रियों को राहत मिलेगी।
शनिवार को इंडिगो ने जानकारी दी कि सोमवार 16 मार्च से 28 मार्च तक दो सप्ताह के दौरान वह भारत से पश्चिम एशिया के विभिन्न शहरों के लिए 504 उड़ानें संचालित करेगा। इनमें दिल्ली और मुंबई से अबू धाबी की उड़ानें भी शामिल हैं। इसके अलावा सऊदी अरब, ओमान और दुबई के लिए भी उड़ानें संचालित की जाएंगी। हालांकि 28 मार्च तक दोहा, कुवैत और बहरीन जैसे कुछ शहरों के लिए उड़ानें नहीं चलाई जाएंगी। इसी के साथ एयर इंडिया और स्पाइसजेट भी पश्चिम एशिया के लिए अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा रहे हैं।
उधर उड़ान संचालन की लागत भी तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती लागत का असर संभालने के लिए एयर इंडिया और इंडिगो पहले ही टिकट के साथ फ्यूल सरचार्ज जोड़ चुके हैं। शनिवार को आकाश एयरलाइंस भी इस सूची में शामिल हो गई। कंपनी ने बताया कि दूरी के आधार पर प्रति टिकट 300 से 1300 रुपये तक किराया बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही एयरलाइंस कंपनियों ने केंद्र और राज्य सरकारों से विमान ईंधन पर लगाए गए सरचार्ज को कम करने की मांग की है। उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे निजी हवाईअड्डों पर लिए जाने वाले अत्यधिक शुल्क को भी कम करने की अपील की है।