नई दिल्ली: देश की संसदीय राजनीति के इतिहास में एक असाधारण कदम उठाते हुए शुक्रवार को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पद से हटाने के प्रस्ताव (मोशन फॉर रिमूवल) का नोटिस जमा किया। संसदीय सूत्रों के अनुसार यह नोटिस संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा के कार्यालयों में जमा किया गया है।
विपक्षी सूत्रों के अनुसार लोकसभा में जमा नोटिस पर 130 सांसदों और राज्यसभा में 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। तृणमूल कांग्रेस की पहल पर विपक्षी दलों ने शुक्रवार को सीईसी के खिलाफ यह मोशन फॉर रिमूवल का नोटिस जमा किया। देश के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में इस तरह का प्रस्ताव लाया गया है।
विपक्षी सूत्रों का दावा है कि इस 10 पन्नों के ‘मोशन फॉर रिमूवल’ नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कुल सात आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों में पश्चिम बंगाल की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से बंगाल की मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चलाने और भाजपा के प्रति पक्षपात करने के आरोप शामिल हैं।
विपक्ष का यह भी आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संवैधानिक पद पर रहते हुए सम्मानित राजनीतिक व्यक्तियों के साथ दुर्व्यवहार किया है।
अब इस नोटिस के बाद लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति क्या फैसला लेते हैं, इस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।