नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध की गूंज और चारों ओर चरम तनाव का माहौल है। इस विस्फोटक स्थिति में लगभग पूरी दुनिया की नजर अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी है। शुक्रवार को भारत में तैनात ईरानी राजदूत ने बताया कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति मार्गों में से एक इस रास्ते से भारतीय झंडे वाले जहाजों को आवाजाही की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कुछ घंटे इंतजार करने को कहा था लेकिन उनकी घोषणा के तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नौसेना की वीरता की एक अभूतपूर्व तस्वीर सामने आई।
शुक्रवार को नौसेना की कड़ी सुरक्षा में रसोई गैस (LPG) की एक बड़ी खेप लेकर शिवालिक नाम का एक मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया। केंद्र सरकार के एक शीर्ष सूत्र के हवाले से यह सनसनीखेज जानकारी कई राष्ट्रीय समाचार माध्यमों ने दी है।
शिवालिक की सुरक्षा में नौसेना
सरकारी सूत्रों के अनुसार, LPG से लदा जहाज शिवालिक होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। जहाज में भारतीय नौसेना के कमांडो और एक दल प्रशिक्षित क्रू सदस्य मौजूद हैं। बताया गया है कि जहाज में 40,000 मीट्रिक टन से अधिक LPG लदी हुई है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अत्यंत सावधानी और सुनियोजित तरीके से इस खेप को भारत लाने की कोशिश की जा रही है।
हरा संकेत मिलते ही चरणबद्ध तरीके से आ रहा तेल और गैस
सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया कि इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना जहाज को सुरक्षा देते हुए आगे बढ़ा रही है। दुनिया के इस महत्वपूर्ण ऊर्जा ट्रांजिट मार्ग पर, खासकर ऐसे तनावपूर्ण समय में, छोटी सी गलती भी बड़ी कीमत चुकाने पर मजबूर कर सकती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, LPG से लदा एक और जहाज अगले 6 घंटे के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से रवाना होने की संभावना है यानी ईरान से हरी झंडी मिलने के बाद भारत ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र से चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से तेल और गैस की खेप निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।