हिंदू धर्म में रामनवमी का पर्व बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की खुशी में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वर्ष 2026 में रामनवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। इस पावन अवसर पर भगवान को विभिन्न प्रकार के प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। इनमें धनिया पंजीरी का भोग विशेष महत्व रखता है।
धनिया पंजीरी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। खास बात यह है कि इसे बनाना बहुत आसान है और यह कम समय में तैयार हो जाती है। व्रत रखने वाले लोग भी इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। फलाहार व्रत में आटे की पंजीरी नहीं खाई जाती इसलिए धनिया पंजीरी को व्रत खोलने के लिए शुभ माना जाता है।
धनिया पंजीरी बनाने की सामग्री
धनिया पाउडर 100 ग्राम, देसी घी 3 टेबल स्पून, मखाने आधा कप, पिसी चीनी या बूरा आधा कप, कद्दूकस किया नारियल आधा कप, काजू और बादाम 10-10, चिरौंजी एक चम्मच।
बनाने की आसान विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में एक टेबल स्पून घी डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। जब घी पिघल जाए तो उसमें धनिया पाउडर डालकर हल्का भून लें। कुछ ही मिनट में धनिया से अच्छी खुशबू आने लगेगी। इसके बाद इसे एक बर्तन में निकालकर अलग रख दें।
अब कड़ाही में बचा हुआ घी डालकर मखानों को अच्छी तरह भून लें। भुने हुए मखानों को हल्का ठंडा करके बेलन की मदद से दरदरा कूट लें। इसके बाद काजू और बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
अब एक बड़े बर्तन में भुना हुआ धनिया पाउडर, दरदरे मखाने, कद्दूकस किया नारियल और कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिला लें। अंत में इसमें पिसी चीनी और चिरौंजी डालकर मिश्रण को फिर से अच्छी तरह मिक्स कर लें।
इस तरह कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट धनिया पंजीरी तैयार हो जाती है। इसे भगवान श्रीराम को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। यह पंजीरी स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होती है इसलिए कई लोग इसे सामान्य दिनों में भी बनाकर खाना पसंद करते हैं।
रामनवमी के पावन पर्व पर यह सरल और पारंपरिक प्रसाद घर के वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की मिठास घोल देता है।