पिछले कई दिनों से होर्मूज जलसंधि के बंद होने की वजह से दुनिया भर में ईंधन की समस्या पैदा हो गयी है। लेकिन ईरान के सर्वोच्य नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही का कहना है कि ईरान ने होर्मूज जलसंधि को बंद नहीं किया है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के कारण जहाजों के लिए होर्मुज से गुजरना मुश्किल हो रहा है लेकिन “कुछ जहाज अभी भी गुजर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि उनका देश कभी भी नहीं चाहता था कि होर्मुज जलसंधि को बंद किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के दूसरे देशों के नेताओं को अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव डालना चाहिए ताकि इस युद्ध को रोक दिया जाए। ANI से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि की वजह से दुनिया भर के लोग परेशान हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मूज जलसंधि को बंद नहीं किया है बल्कि वह खुला हुआ है।
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लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से वहां से होकर कोई जहाज नहीं गुजर पा रहा है। ईरान नहीं चाहता है कि होर्मूज जलसंधि को बंद किया जाए। वहां से होकर कुछ जहाज अब भी गुजर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने इस युद्ध शुरू किया था वही इसे रोकने के लिए भी जिम्मेदार हैं। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में लोगों को तकलीफ हो रही है। इसलिए विश्व भर के नेताओं को एकजुट होकर डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालना चाहिए और उनसे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोकने की अपील करनी चाहिए।