🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

ईरान के राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की बात, कौन से मुद्दों पर प्रमुखता से हुई बातचीत?

बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध में हो रही मौतों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही कुटनैतिक बातचीत के माध्यम से उस क्षेत्र में शांति बनाने का आवेदन भी किया।

By Moumita Bhattacharya

Mar 13, 2026 10:23 IST

दिन प्रतिदिन पश्चिम एशिया में युद्ध की परिस्थिति जटिल होती जा रही है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले का ईरान भी लगातार जवाब दे रहा है। इसके साथ ही बढ़ रहा है नुकसान। ऐसी परिस्थिति में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेस्कियान (Masoud Pezeshkian) के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने फोन पर बात दी। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर दी।

पश्चिम एशिया में युद्ध की परिस्थिति को लेकर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध में हो रही मौतों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही कुटनैतिक बातचीत के माध्यम से उस क्षेत्र में शांति बनाने का आवेदन भी किया।

गौरतलब है कि गत 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल का युद्ध शुरू हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से हॉर्मुज जलसंधि को बंद कर दिया गया है। इस वजह से पूरे विश्व में ईंधन को लेकर समस्या पैदा हो गयी है। इसके बाद ही भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) के साथ बातचीत की।

दावा किया जा रहा है कि इसके बाद ही ईंधन लेकर जाने वाले मालवाही जहाज को हॉर्मुज जलसंधि से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गयी। साथ ही ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी गयी।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस बारे में भी बात की। बता दें, ईरान में युद्ध की शुरुआत होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के प्रमुख नेताओं ने सीधी बातचीत की। गुरुवार की देर रात को किए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लगातार बढ़ रही दुश्मनी और आम जनता की मौत की वजह से वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और मालवाही व ईंधन ढोने वाले जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही को सुनिश्चित करना ही भारत की प्राथमिकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि उस क्षेत्र की परिस्थिति को लेकर ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की। पश्चिम एशिया में जैसी युद्ध की स्थिति पैदा हो रही है और एक के बाद एक हमलों में आम जनता की मौत हो रही है उसे लेकर उन्होंने गहरी चिंता जाहिर की। ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध जैसे हालातों में भारत के स्वार्थ की रक्षा के साथ-साथ पश्चिम एशिया में कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी भी परिस्थिति में युद्ध नहीं चाहता है। भारत बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढने का पक्षधर है। शांति व स्थिरता के लिए बातचीत व कुटनैतिक रास्ते पर चलने का उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान पश्चिम एशिया के कई देशों के प्रमुख नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत हुई है।

Prev Article
UAE से बाहर फंसे हैं वहां काम करने वाले कर्मचारी! क्या कंपनी कर सकती है टर्मिनेट - क्या कहता है कानून?
Next Article
ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की मौत, 10 अन्य घायल

Articles you may like: