नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध का असर अब सीधे सामान्य लोगों की जेब पर पड़ रहा है। एयर इंडिया के बाद अब देशी और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं में अतिरिक्त ईंधन शुल्क या फ्यूल सरचार्ज लगाया देश की सबसे बड़ी उड़ान कंपनी इंडिगो ने। शुक्रवार को कंपनी की ओर से बताया गया कि आगामी 14 मार्च, शनिवार से यह नया शुल्क लागू होगा।
क्यों यह अतिरिक्त शुल्क?
पश्चिम एशिया में अमेरिका–इजराइल बनाम ईरान के जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतें अब आकाश छू रही हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार, इस युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमत में 85 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। इंडिगो कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह अचानक और असामान्य मूल्य वृद्धि सभी एयरलाइंस के खर्च और नेटवर्क पर व्यापक प्रभाव डालेगी।
यात्रियों पर कितना असर पड़ेगा?
इसी बीच एयर इंडिया ने देशी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में क्रमशः ईंधन शुल्क बढ़ाया है। उसी रास्ते पर अब इंडिगो भी चल पड़ा है। हालांकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने कुछ राहत भी दी है।
इंडिगो की घोषणा में कहा गया कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का पूरा असर टिकट के दाम में बड़े बदलाव की मांग करता है लेकिन यात्रियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ न पड़े इसलिए फिलहाल तुलनात्मक रूप से कम फ्यूल सरचार्ज लिया जा रहा है। स्थिति के अनुसार भविष्य में यह सरचार्ज हटाया भी जा सकता है या बढ़ाया भी जा सकता है।
अमेरिका–इजराइल बनाम ईरान के युद्ध के कारण होर्मूज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मूज) अब लगभग बंद है। इसी मार्ग से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 100 डॉलर से अधिक हो गई है। इस स्थिति में उड़ान सेवाओं के भाड़े में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई है।