नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। वाणिज्य मंत्रालय ने साफ कहा है कि दोनों देशों के बीच वार्ता बंद नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि यह बातचीत रुक गई है। मंत्रालय ने इन खबरों को गलत बताया है।
मंत्रालय के अनुसार भारत और अमेरिका एक ऐसे व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। दोनों देश लगातार संपर्क में हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है।
पिछले महीने दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक ढांचा तय किया था। यह समझौता भविष्य में बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता खोल सकता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 13 फरवरी 2025 को हुई थी। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना है। साथ ही वैश्विक सप्लाई चेन को भी मजबूत करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
प्रस्तावित समझौते के तहत भारत अमेरिका के कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम कर सकता है या हटा सकता है। इनमें पशु चारे में इस्तेमाल होने वाले अनाज, मेवे, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
दूसरी ओर अमेरिका भी भारत से आने वाले कुछ सामान पर शुल्क लगा सकता है। इसमें कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, केमिकल और कुछ मशीनों से जुड़े उत्पाद शामिल हो सकते हैं। हालांकि आगे चलकर कुछ भारतीय उत्पादों पर शुल्क हटाने की भी संभावना है। इनमें जेनेरिक दवाएं, हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं।
इसी बीच अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ नई जांच भी शुरू की है। अमेरिका को शक है कि कुछ देश अनुचित व्यापार नीतियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जांच 1974 के ट्रेड कानून के तहत की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन जांचों के बाद कुछ देशों पर नए शुल्क लगाए जा सकते हैं। इससे आने वाले समय में वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है।