वाशिंगटनः इरान ने शुक्रवार की सुबह खाड़ी अरब देशों पर नई हमलों की श्रृंखला शुरू की, जिसमें सऊदी अरब पर दर्जनों ड्रोन हमले शामिल थे। यह हमला ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह मोजतबा खामेनेई की चेतावनी के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि खाड़ी के देशों में अमेरिकी बेस होस्ट करने पर उन्हें “कठोर परिणाम” भुगतने होंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कड़ी चेतावनी दी, “देखिए आज इन पागल और दुष्ट लोगों के साथ क्या होता है। इरान की नौसेना और एयरफोर्स अब नहीं रही। मिसाइल, ड्रोन और सब कुछ तबाह हो रहा है। उनके नेता धरती से मिटा दिए जाएंगे।”
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने राजधानी तेहरान के आसपास भी भारी हवाई हमले किए, जिनमें इस साल के क़ुद्स डे कार्यक्रम के पहले हवाई हमले शामिल थे। इस दौरान इजराइल ने पिछले 24 घंटों में 200 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणाली और हथियार निर्माण स्थल शामिल हैं।
इस बीच वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़, वह रणनीतिक जलमार्ग जिससे विश्व के एक-फिसवां हिस्सा तेल भेजा जाता है। उस पर ईरान ने नियंत्रण बनाए रखा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस साल फरवरी 28 को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले से पहले की कीमतों से लगभग 40% अधिक है।
इरान ने उन जहाजों पर भी हमले किए जो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने का प्रयास कर रहे थे। खामेनेई ने कहा कि ईरान इस जलमार्ग को ब्लॉक करना जारी रखेगा।
इराक में अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसके लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बचाव प्रयास शुरू किए। इसके अलावा, फ्रांस के एक सैनिक की उत्तर इराक में हुई हमले में मौत हो गई, जिसकी पुष्टि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने की।