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महाशिवरात्री के मौके पर कौन सी राशि के जातक क्या करें दान? जानें यहां

प्रचलित मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि को भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से उनके आशीर्वाद से मन की छिपी हुई इच्छाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।

By सायन कृष्ण देव, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 13, 2026 18:27 IST

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह 15 फरवरी को पड़ रही है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन आधी रात को भगवान शिव ने रुद्र रूप में अवतार लिया था और शिव तांडव किया था। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह भी हुआ था इसलिए अविवाहित लोग मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से व्रत और पूजा करते हैं। यद्यपि हर महीने शिवरात्रि आती है लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।

इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है। भक्त मंदिरों में जाकर बेलपत्र और जल अर्पित करते हैं तथा व्रत रखते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।

व्रत के लाभ

मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग का अभिषेक करने से नवग्रह दोष शांत होते हैं। विशेष रूप से चंद्र दोष से जुड़ी समस्याएं जैसे मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, संबंधों में तनाव, घर या वाहन खरीदने में बाधा आदि दूर हो सकती हैं। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।

राशि के अनुसार क्या अर्पित करें :-

मेष राशि

बेलपत्र अर्पित करें।

वृष राशि

दूध मिला जल अर्पित करें।

मिथुन राशि

दही मिला जल अर्पित करें।

कर्क राशि

चंदन की सुगंध अर्पित करें।

सिंह राशि

घी का दीपक जलाएं।

कन्या राशि

काले तिल और जल से अभिषेक करें।

तुला राशि

जल में सफेद चंदन मिलाकर अभिषेक करें।

वृश्चिक राशि

जल और बेलपत्र अर्पित करें।

धनु राशि

अविर अर्पित करें।

मकर राशि

भांग और धतूरा फूल-फल अर्पित करें।

कुंभ राशि

फूल अर्पित करें।

मीन राशि

गन्ने के रस और केसर से अभिषेक करें।

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