कोलकाता : हमले में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दुष्चरित्र और कायर बताते हुए अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि मंत्री शशि पांजा पर हुए इस कायराना हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। उनके घर में तोड़फोड़ की गई, ईंट-पत्थर फेंके गए, यहां तक कि मंत्री को कई चोटें भी आई है।
इस घटना के लिए अभिषेक ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर उंगली उठाई। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री शहर में मौजूद थे, इसलिए ही भाजपा के गुंडों को दिनदहाड़े एक मंत्री पर हमला करने की हिम्मत मिली।
सिर्फ शशि पांजा ही नहीं, अभिषेक के अनुसार यह घटना बंगाल की हर महिला पर हमला है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा है कियह सिर्फ किसी मंत्री या किसी एक महिला पर हमला नहीं है। यह बंगाल की हर महिला पर हमला है।
2019 में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बंगाल में पहले भी ऐसा हुआ है। 2019 में अमित शाह की सभा के दौरान ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई थी।
तोड़फोड़ और पत्थरबाजी को भाजपा की आदत बताते हुए अभिषेक ने लिखा कि यही उनकी संस्कृति है। भाजपा के बाहरी नेता बंगाल में उकसावे की राजनीति लाना चाहते हैं। वे बंगाल की शांति को बिगाड़कर डर का माहौल बनाने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी साफ कहा कि तृणमूल इस घटना को नहीं भूलेगी। अभिषेक ने लिखा है कि हम इस घटना को नहीं भूलेंगे और न ही भूलने देंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल में भाजपा की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
I condemn, in the strongest possible terms, the dastardly, cowardly and utterly reprehensible attack on our Hon'ble Minister Smt. Shashi Panja. Her home was vandalised and ransacked. Our party workers and supporters were mercilessly beaten. And she herself was physically pic.twitter.com/gO7OdPrlwi
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) March 14, 2026
आखिर हुआ क्या था?
तृणमूल का दावा है कि मंत्री शशि पांजा के गिरिश पार्क स्थित घर के आसपास “बॉयकॉट बीजेपी” लिखे पोस्टर लगे थे। मोदी की सभा में जाने के रास्ते में बस से उतरकर भाजपा के कार्यकर्ता-समर्थकों ने उन पोस्टरों और फ्लेक्स को फाड़ दिया और फिर बस में चढ़ गए।
आरोप है कि जब तृणमूल के कार्यकर्ता फिर से पोस्टर लगाने लगे, तब भाजपा कार्यकर्ता बस से उतरकर उन्हें पीटने लगे। कुछ ही समय में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
तृणमूल का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने शशि पांजा के घर पर भी ईंट-पत्थर फेंके, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। ईंट लगने से शशि भी घायल हो गईं। उनके गले और कमर में चोट आई है। बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शशि पांजा ने कहा कि उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की है।
हालांकि भाजपा का आरोप है कि ब्रिगेड की रैली में जाते समय उनकी बस पर तृणमूल के कार्यकर्ता-समर्थक पत्थर फेंक रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय पुलिस निष्क्रिय रही।