बेंगलुरु: शहर के एक निजी स्कूल में पहली कक्षा के छात्र के साथ हुई घटना पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। बच्चे को कथित रूप से सजा के तौर पर दो घंटे तक तेज धूप में खड़ा रखा गया।
यह घटना येलहंका अत्तूर लेआउट इलाके के एक स्कूल में हुई। पुलिस ने बताया कि बच्चे के माता-पिता ने शिकायत दी है। उनका कहना है कि उनका बेटा कक्षा में सिर्फ दो मिनट देर से पहुंचा था।इसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसे धूप में खड़ा रहने की सजा दी। बच्चा करीब दो घंटे तक बाहर खड़ा रहा।
माता-पिता ने इस मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल से बात की। उनका आरोप है कि प्रिंसिपल ने ठीक से जवाब नहीं दिया। उन्होंने दुर्व्यवहार किया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी सामने आया। एक वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया। इसके बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने कहा कि बच्चों को शारीरिक या मानसिक सजा देना कानून के खिलाफ है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चे की पहचान उजागर न करें। कोई भी वीडियो या जानकारी साझा न करें जिससे बच्चे की पहचान सामने आए।पुलिस ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जानकारी सीधे पुलिस या बाल संरक्षण अधिकारियों को दी जानी चाहिए। मामले की जांच जारी है।