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युद्ध की आंच से रसोई पर असर, आखिरकार एलपीजी को लेकर चिंता की बात मोदी सरकार ने भी स्वीकार की

युद्ध शुरू होने के बाद से ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद है। इसका असर अब रसोई तक पहुंच गया है, क्योंकि भारत का लगभग 90 प्रतिशत LPG गैस इसी रास्ते से आता है।

नई दिल्ली : एक सिलेंडर के लिए बाजार में हाहाकार मच गया है। सुबह से ही डीलर की दुकानों पर गैस बुकिंग के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। हालांकि अब तक केंद्र सरकार का दावा था कि सब कुछ ठीक है और देश में पर्याप्त LPG सिलेंडर का भंडार मौजूद है। लेकिन शनिवार को पहली बार केंद्र ने संकट की बात स्वीकार की।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि LPG को लेकर इस समय कुछ चिंता जरूर है। हालांकि उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि आवश्यक गैस की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।

पिछले 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद है। इसका असर अब रसोई तक पहुंच गया है, क्योंकि भारत की करीब 90 प्रतिशत LPG गैस इसी रास्ते से आती है। हालांकि पिछले गुरुवार को ईरान ने भारत के झंडे वाले जहाजों को “सेफ पैसेज” देने की घोषणा की है। इससे संकट कुछ हद तक कम हो सकता है, ऐसा जानकारों का मानना है।

इसी बीच शनिवार को सुजाता ने LPG को लेकर चिंता की बात कही। हालांकि उनका कहना है कि यह चिंता घबराहट की वजह से पैदा हो रही है। उनके अनुसार घबराकर बहुत से लोग एक साथ गैस बुकिंग कर रहे हैं, जिससे समस्या बढ़ रही है।

उन्होंने गैस बुकिंग के आंकड़े देते हुए बताया 13 मार्च शुक्रवार को 75 से 76 लाख LPG बुकिंग हुई थीं, जो अब बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वास्तविक जरूरत के बिना सिलेंडर बुक न करें।

उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में गैस या तेल की कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद आपूर्ति बंद नहीं हुई है। सभी वितरण केंद्रों पर गैस उपलब्ध है और खत्म होने की कोई खबर नहीं है।

सुजाता ने लोगों को गैस के लिए डीलर के पास जाने से मना किया और बुकिंग के लिए लाइन में खड़े न होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं है। तेल कंपनियां आपके घर तक सिलेंडर पहुंचा देंगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ असाधु व्यापारी कालाबाजारी शुरू कर चुके हैं। हालांकि इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इस बीच शनिवार सुबह ही भारत के दो जहाज LPG लेकर हॉर्मुज पार कर चुके हैं। उम्मीद है कि वे 16 से 17 मार्च के बीच गुजरात के बंदरगाह पर पहुंच जाएंगे। इन दोनों जहाजों में कुल 92,700 टन LPG मौजूद है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक अभी भी हॉर्मुज में भारत के 24 गैस से भरे जहाज फंसे हुए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से आश्वासन देते हुए कहा गया है कि घरेलू LPG को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों में भी नियमित रूप से सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है।

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