नयी दिल्लीः विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में पांच भारतीयों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारतीय मिशन 24 घंटे खुले हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की जानकारीः विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम महाजन ने शनिवार को नई दिल्ली में पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले की एक घटना में पांच भारतीयों की मौत हुई और एक व्यक्ति लापता है। ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि लापता भारतीय का पता लगाया जा सके और मृतकों के पार्थिव शरीर को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द भारत लाया जा सके।
नाविकों की मदद के लिए समन्वयः महाजन ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसके लिए विदेश मंत्रालय पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
यात्रा व्यवस्था में सहायताः उन्होंने बताया कि बहरीन और कुवैत जैसे स्थानों से जहां सीधे भारत के लिए उड़ानें नहीं चल रही हैं, वहां भारतीय नागरिकों को वीजा बढ़ाने और ट्रांजिट वीजा दिलाने में मदद की जा रही है, ताकि वे सऊदी अरब के रास्ते भारत लौट सकें।
ओमान के सोहार शहर में हमलाः असीम महाजन ने ओमान के सोहार शहर में हुए हमले की जानकारी भी दी। इस हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए। हालांकि घायल लोगों में किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। भारतीय दूतावास मौके पर मौजूद है और ओमानी अधिकारियों, स्थानीय कंपनियों, अस्पतालों और प्रभावित भारतीयों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है।
‘सेफसी विष्णु’ जहाज की घटनाः महाजन ने सेफसी विष्णु जहाज से जुड़ी घटना की जानकारी भी दी। इस जहाज के 15 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया था और फिलहाल वे इराक के बसरा शहर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। टीम उनके जल्द भारत लौटने की व्यवस्था कर रही है।
एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं दो भारतीय जहाज: बैठक में शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी ले जा रहे भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और अब लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर आ रहे हैं।