भोपाल : मध्य प्रदेश के नंदुरबार में गुरुवार को दिन का तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार उस दिन यह देश का सबसे अधिक तापमान था।
मार्च का मध्य आने में अभी दो दिन बाकी हैं। उससे पहले ही, मध्य प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार गई है और यह घटनाएं पहले भी हुई हैं ऐसा मौसम विशेषज्ञों का कहना है।
यानी मार्च के पहले सप्ताह में हीटवेव? हां, यह घटना पहले भी हुई है। लेकिन सब कुछ छोड़कर देखें तो हिमाचल प्रदेश में जो हुआ, वह पिछले पांच वर्षों में नहीं हुआ ऐसा मौसम विभाग का दावा है। गर्मी से कुछ राहत पाने के लिए जहां पर्यटक हिमाचल में आते हैं, उसी राज्य में मार्च के मध्य आने से पहले ही हीटवेव जैसी असामान्य स्थिति बन गई है।
प्रशांत महासागर की सतह इस साल सामान्य से अधिक गर्म रहने वाली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को ‘एल नीनो’ (EL NINO) कहा जाता है। जब ऐसी स्थिति बनती है, तो भारतीय उपमहाद्वीप में गर्मी के मौसम का औसत तापमान सामान्य से अधिक होता है। इसके साथ-साथ मानसून में बारिश की मात्रा भी सामान्य से कम रहती है। इस साल इसी ‘एल नीनो’ स्थिति के कारण भारतीय उपमहाद्वीप की गर्मियों और मानसून के बारे में मौसम विभाग का पूर्वानुमान चिंताजनक है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 मानव इतिहास के सबसे गर्म तीन वर्षों में शामिल हो सकता है। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही समुद्र से लेकर हिमाचल तक मौसम की जो स्थिति है, उससे यह संभावना बहुत अधिक लगती है कि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होगा।
हिमाचल की स्थिति के बारे में मौसम विभाग ने बताया कि 2024 में इस राज्य में पहली हीटवेव 19 मई को दर्ज हुई थी। इसका मतलब यह कि 2026 में 74 दिन पहले ही हीटवेव आ गई। यहां तक कि 2025 में भी इस राज्य में पहली हीटवेव 6 अप्रैल को हुई थी। पिछले पांच वर्षों में हिमाचल में इतनी जल्दी हीटवेव नहीं देखी गई।
साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि हिमाचल से लगभग दो हजार किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी इसी तरह हीटवेव का रिकॉर्ड बना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार भारत की जलवायु के हिसाब से यह भी आश्चर्यजनक घटना है।
आमतौर पर देश के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में ही सबसे पहले हीटवेव आती है। 2025 में 25 फरवरी को गुजरात के कच्छ और कोंकण तट के कई इलाकों में हीटवेव शुरू हुई थी। उस समय उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं अभी विदा नहीं हुई थीं।
मौसम विभाग के मानक के अनुसार किसी भी जगह का अधिकतम तापमान अगर कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस हो और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक हो, तो इसे ‘हीटवेव’ माना जाता है।
देश के विभिन्न मौसम स्टेशनों की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा चुका है।