युवा साथी (Yuva Sathi) परियोजना की सुविधा पाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगाए गए शिविरों में लंबी कतारों में लगकर युवाओं ने फॉर्म भरा था। कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से युवा साथी का फॉर्म भरा था। 7 मार्च से उपभोक्ताओं के बैंक अकाउंट में रुपया जमा होना शुरू हो गया था।
लेकिन काफी उपभोक्ताओं का आरोप है कि अभी तक उनके अकाउंट में रुपया जमा नहीं हुआ है। कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनके आवेदन का स्टेटस 'सक्सेसफुल' दिखा रहा है। इसके बावजूद परियोजना का भत्ता अकाउंट में जमा नहीं हुआ है। इस मामले में अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बड़ा फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि इस तरह की जितनी समस्याएं हैं उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। गुरुवार को नवान्न में मुख्यमंत्री ने LPG आपूर्ति में हो रही समस्या को लेकर प्रशासनिक बैठक की। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दिन विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। इसलिए उसी दिन से राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। उससे पहले राज्य की विभिन्न नई परियोजनाओं का काम शुरू कर देने का आदेश उन्होंने दिया।
युवा साथी के साथ-साथ खेतिहर दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी अंतरिम बजट में की गयी थी। इस परियोजना के माध्यम से खेतिहर मजदूरों को सहायता प्रदान करने का आवेदन भी स्वीकार करना शुरू हो गया है। खरीफ फसलों के मौसम के लिए खेतिहर मजदूरों के बैंक अकाउंट में आर्थिक सहायता पहुंचाने के मामले में भी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा साथी परियोजना के तहत 21 से 40 साल के युवाओं को मासिक ₹1500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जब तक इन्हें नौकरी नहीं मिल जाती तब तक सर्वाधिक 5 सालों तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। 1 अप्रैल से बैंक अकाउंट में इस भत्ते का रुपया पहुंचने वाला था लेकिन उसे 7 मार्च से भी भेजना शुरू कर दिया गया है।