पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने रविवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज पाकिस्तान के उन चुनिंदा कप्तानों में शामिल हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ दो बड़े आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल जीते थे। सरफराज ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में टेस्ट के रूप में खेला था। उन्होंने अपने संन्यास का एलान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा जारी बयान के माध्यम से किया।
संन्यास के बाद मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, औपचारिक संन्यास के बाद पीसीबी उन्हें पाकिस्तान की टेस्ट टीम का लंबे समय के लिए हेड कोच नियुक्त कर सकता है। फिलहाल टेस्ट टीम के मुख्य कोच का पद खाली है, क्योंकि पिछले साल बोर्ड ने अंतरिम हेड कोच रहे अजहर महमूद का अनुबंध समाप्त कर दिया था। मई में 39 वर्ष के होने वाले सरफराज को हाल ही में राष्ट्रीय चयन समिति का सदस्य भी बनाया गया था। इसके साथ ही उन्हें पाकिस्तान अंडर-19 और शाहीन्स टीम का मेंटर और मैनेजर भी नियुक्त किया गया है।
किन पलों को बताया यादगार ?
कराची में जन्मे सरफराज ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की कप्तानी करना उनके लिए एक सपना था। उन्होंने कहा कि आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2006 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 जीतना उनके करियर के सबसे यादगार पल हैं। सरफराज अहमद ने पाकिस्तान के लिए 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और तीनों प्रारूपों में मिलाकर 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की कप्तानी भी की। उन्होंने कहा कि अपने करियर के दौरान उन्होंने हमेशा निडर क्रिकेट खेलने और टीम में एकता बनाए रखने की कोशिश की।