एलुरुः आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में नवजात बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक संभावित गिरोह की गतिविधियों की जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे बच्चों की अवैध बिक्री की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार जन्म पंजीकरण से जुड़े कुछ रिकॉर्ड की जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। इन प्रविष्टियों की पड़ताल करते हुए अधिकारियों को संदेह हुआ कि कुछ मामलों में नवजात शिशुओं को अवैध तरीके से दूसरे लोगों को सौंपा गया हो सकता है। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच में एक घटना का जिक्र सामने आया है जिसमें मुदिनेपल्ली मंडल के एक दंपति पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में करीब तीन लाख रुपये देकर एक नवजात बच्ची को लिया था। बताया जाता है कि कई प्रयासों के बावजूद उन्हें संतान नहीं हो पाई थी।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में दंपति सहित छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। इनमें वे लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं जिन्होंने कथित तौर पर बच्ची को दिलाने या संपर्क कराने में भूमिका निभाई थी। अधिकारियों का कहना है कि दंपति ने गर्भावस्था का नाटक करने के बाद बच्ची को अपनी संतान के रूप में दिखाने की योजना बनाई थी।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि बच्चे से जुड़े कुछ दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इनमें जांच के दौरान यह भी पता चला कि बच्चे से जुड़े कुछ दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इनमें जन्म प्रमाणपत्र और अन्य पहचान से जुड़े कागजात बनवाने का प्रयास भी शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस की पड़ताल में एक और घटना सामने आई है जिसमें एक नवजात लड़के को कथित रूप से पैसे लेकर किसी को सौंपे जाने की बात सामने आई। यह मामला सितंबर 2024 का बताया जा रहा है और इसमें एक निजी अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने इस पूरे मामले में मानव तस्करी और बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कई लोगों से पूछताछ जारी है।
जिला बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जन्म रिकॉर्ड की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध प्रविष्टियां सामने आई थीं, जिनके आधार पर यह मामला खुला। उनका मानना है कि इस तरह की गतिविधियों में किसी संगठित नेटवर्क के शामिल होने की भी संभावना हो सकती है।
फिलहाल दो नवजात बच्चों की अवैध बिक्री से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी नेटवर्क से जुड़े अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं।