आजकल कई जगहों पर सबमर्शल पंप के जरिए सीधे जमीन के नीचे से पानी खींचा जाता है। इसके कारण कई स्थानों पर पानी में आयरन की मात्रा अधिक होती है। इस तरह के पानी का इस्तेमाल करने पर बाथरूम के नल, शावर, सिंक या कॉमोड पर धीरे-धीरे पीले या भूरे धब्बे पड़ने लगते हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, समय के साथ नल के मुख पर भी आयरन जमा हो जाता है और पानी का प्रवाह कम हो सकता है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है, घर पर कुछ आसान उपायों से इन धब्बों को हटाकर बाथरूम को फिर से चमकदार बनाया जा सकता है। यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं।
सिरका
सिरके से कमाल हो सकता है। सफेद सिरका आयरन के धब्बे साफ करने में बहुत प्रभावी है। एक कपड़े या स्पंज पर सिरका लगाकर नल, शावर या धब्बेदार जगह पर 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद ब्रश या स्क्रबर से हल्के हाथ से घिसकर धो लें। इससे जमा हुए धब्बे काफी हद तक हट जाएंगे।
नींबू और बेकिंग सोडा
नींबू और बेकिंग सोडा भी बहुत अच्छा काम करते हैं। बेकिंग सोडा में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को धब्बेदार जगह पर 10 से 15 मिनट के लिए लगाएं। फिर ब्रश से घिसकर पानी से धो लें। इससे धब्बे काफी हल्के हो जाएंगे और नल या शावर फिर से चमकने लगेंगे।
कॉमोड में पीले धब्बे
अगर कॉमोड में पीले धब्बे पड़ गए हैं, तो सिरका और बेकिंग सोडा एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले कॉमोड में एक कप सिरका डालें, फिर थोड़ा बेकिंग सोडा छिड़कें। कुछ समय बाद ब्रश से अच्छे से घिसकर फ्लश कर दें। इससे आयरन के धब्बे आसानी से हट जाएंगे।
नल का मुख बंद होने पर क्या करें?
कई बार आयरन जमा होने से शावर या नल के छोटे-छोटे छिद्र बंद हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए शावर हेड या नल का मुख खोलकर किसी बर्तन में सिरका भरें और उसमें कुछ घंटों के लिए डुबो दें। सिरका जमे हुए खनिज पदार्थ को घोल देता है। इसके बाद पुराने टूथब्रश से हल्के हाथ से घिस लें, छिद्र साफ हो जाएंगे और पानी फिर से सामान्य रूप से बहने लगेगा।
भविष्य में समस्या कम करने के उपाय
भविष्य में इस समस्या को कम करने के लिए नियमित सफाई बहुत जरूरी है। सप्ताह में एक बार सिरका या हल्के क्लीनर से नल और शावर पोंछ दें, तो धब्बे जमा नहीं होंगे। यदि संभव हो तो घर में वाटर फिल्टर या आयरन रिमूवर का इस्तेमाल करें, इससे यह समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।