नई दिल्ली/मुंबईः एयर इंडिया में कर्मचारियों के लिए दी जाने वाली अवकाश यात्रा सुविधा के इस्तेमाल में बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार आंतरिक जांच में चार हजार से अधिक कर्मचारियों द्वारा इस सुविधा का गलत लाभ लेने के संकेत मिले हैं। इसके बाद कंपनी ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिनमें जुर्माना लगाना और अनुचित तरीके से लिए गए लाभ की राशि वापस लेना शामिल है।
टाटा समूह ने जनवरी 2022 में घाटे में चल रही एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से कंपनी अपने संचालन और सेवाओं में व्यापक बदलाव की योजना पर काम कर रही है। एयरलाइन में वर्तमान में 24 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों के लिए लागू एम्प्लॉयी लीजर ट्रैवल (ELT) योजना के इस्तेमाल की विस्तृत जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं। इस योजना के तहत कर्मचारियों और उनके नामित परिजनों जैसे पति-पत्नी या माता-पिता को हर वर्ष कुछ मुफ्त हवाई टिकट उपलब्ध कराए जाते हैं लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें तय हैं।
जांच में पाया गया कि कुछ कर्मचारियों ने योजना का फायदा लेने के लिए ऐसे लोगों को भी रिश्तेदार बताकर टिकट हासिल किए जो वास्तव में उनके परिवार से जुड़े नहीं थे। कुछ मामलों में यह भी सामने आया कि मुफ्त टिकट हासिल करने के बाद उन्हें अन्य लोगों को अधिक कीमत पर बेच दिया गया।
सूत्रों के अनुसार इस तरह की अनियमितताओं से जुड़े कई मामले पिछले वित्त वर्ष से सामने आए हैं। हालांकि इस दुरुपयोग से हुई कुल वित्तीय क्षति और सटीक समय अवधि के बारे में स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
कंपनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन कर्मचारियों ने गलत तरीके से लाभ लिया है, उनसे राशि वापस मांगी जा रही है और कई मामलों में आर्थिक दंड भी लगाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद कंपनी ने इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं।
अब कर्मचारियों को किसी भी नामित व्यक्ति के लिए टिकट लेने से पहले उस व्यक्ति के साथ अपने संबंध का प्रमाण कंपनी को देना होगा। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कर्मचारियों को एक वित्तीय वर्ष में कुल 14 हवाई यात्राओं की सुविधा मिलती है, जिसमें आने-जाने के टिकट शामिल होते हैं।