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ट्रम्प ने फिर से शुल्क बढ़ाने की चेतावनी, भारत सहित 16 देशों पर व्यापार नियम उल्लंघन का आरोप

अमेरिका के शुल्क को लेकर ट्रम्प ने फिर से कड़ा रुख अपनाया।

वॉशिंगटन डी सी : अमेरिका ने फिर से शुल्क को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारत सहित 16 देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की संभावना जताई गई है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार इन 16 देशों पर नियमों का उल्लंघन कर व्यापार करने का आरोप लगाया गया है। इस सूची में भारत भी शामिल है। ट्रम्प प्रशासन ने इन देशों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों के अनुसार व्हाइट हाउस का आरोप है कि इन 16 देशों की व्यापार नीतियों में गड़बड़ी है। राष्ट्रपति ट्रम्प इसे 'अन्यायपूर्ण' मान रहे हैं।

बुधवार को अमेरिका के मुख्य व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ने बताया कि 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के अनुसार इस जांच प्रक्रिया की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए दो अलग-अलग जांचों का आदेश दिया गया है। जांच में अनियमितता पाए जाने पर इन देशों पर नए आयात शुल्क लगाए जा सकते हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार भारत, चीन, बांग्लादेश, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और यूरोपीय संघ के खिलाफ यह जांच शुरू की गई है।

वॉशिंगटन का आरोप है कि ये देश घरेलू उत्पादन बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने अपनी आंतरिक उत्पादन क्षमता इस तरह बढ़ाई है, जो बिल्कुल भी संतुलित नहीं है। कई देशों पर आरोप है कि वे अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत पर फैला रहे हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि ये 16 देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का उल्लंघन कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प ने यह जांच फिर से शुल्क लगाने के उद्देश्य से शुरू की है। वहीं कुछ विशेषज्ञों के अनुसार ट्रम्प घरेलू उत्पादन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रहे हैं।

पिछले महीने ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की शुल्क नीति को ‘अवैध’ करार दिया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद ट्रम्प ने इन देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया। 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत यह शुल्क लगाया गया। बाद में यह शुल्क रातोंरात बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इसी दौरान ट्रम्प प्रशासन ने धारा 301 और 232 के तहत कानूनी कार्रवाई करने का संकेत भी दिया था।

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