नई दिल्ली/कोलकाता: विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कोलकाता में राज्य की मंत्री शशि पांजा के घर पर कथित तोड़फोड़ की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जिस दिन राज्य में “महा जंगलराज” की बात कर रहे थे, उसी दिन उनके समर्थकों ने राज्य की महिला कैबिनेट मंत्री के घर पर हमला किया।
महुआ मोइत्रा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी “चुनावी पक्षी” की तरह बंगाल आते हैं। यहां आकर टीएमसी पर जंगलराज का आरोप लगाते हैं। उसी दिन भाजपा कार्यकर्ता मंत्री के घर में तोड़फोड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इसका जवाब उसी तरह देगी, जैसे उसने वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में दिया था।
अपने पोस्ट के साथ साझा किए गए एक वीडियो संदेश में मोइत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अपनी रैली के दौरान राज्य में “महा जंगलराज” की बात कर रहे थे। उसी समय उनकी रैली में शामिल होने जा रहे कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रास्ते में गिरीश पार्क स्थित मंत्री शशि पांजा के घर पर हमला कर दिया। उनके अनुसार, घर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए और वहां मौजूद स्टाफ पर भी हमला किया गया।
मोइत्रा ने कहा कि यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किसी कैबिनेट मंत्री के घर को निशाना बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शशि पांजा दो बेटियों की मां हैं और घटना के समय वह घर में ही मौजूद थीं। उनके मुताबिक, इस तरह की घटना राज्य की राजनीति में पहले कभी नहीं हुई और यह वही “जंगलराज” है जिसे बीजेपी बंगाल में लेकर आई है।
टीएमसी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी से इस घटना पर माफी मांगने की भी बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कोलकाता आए, लेकिन उनके समर्थकों द्वारा की गई इस घटना पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रपति के कथित अपमान से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह एक निजी निमंत्रण पर आयोजित कार्यक्रम था और राज्य सरकार उसका आयोजक नहीं थी। उनके मुताबिक, इसके बावजूद राज्य सरकार ने यह भी लिखकर दिया था कि वह कार्यक्रम राष्ट्रपति के लिए उपयुक्त नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें वहां आने के लिए कहा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश की कई संवैधानिक संस्थाओं को बीजेपी के प्रभाव में ला दिया गया है। उनके अनुसार राष्ट्रपति, चुनाव आयुक्त और लोकसभा अध्यक्ष जैसी संस्थाओं को भी राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।
गौरतलब है कि शनिवार को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड परेड ग्राउंड रैली के दौरान बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। इसी दौरान मंत्री शशि पांजा के आवास पर कथित तोड़फोड़ की खबर भी सामने आई, जिसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।