मनाली : अभी मार्च का मध्य चल रहा है। देश से उत्तर की शुष्क ठंडी हवाएं कई दिन पहले ही विदा ले चुकी हैं। कड़ाके की सर्दियों में कई बार अलग-अलग जगहों पर बर्फबारी हुई थी। लेकिन इस बार मार्च के मध्य में फिर से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में रविवार से बर्फबारी शुरू हो गई।
इस असमय बर्फबारी के कारण इन पहाड़ी राज्यों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई पर्यटक इन स्थानों पर फंसे हुए हैं।
सबसे खराब स्थिति हिमाचल प्रदेश के मनाली में है। अटल टनल के पास बर्फबारी होने के कारण 1,000 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। बताया गया है कि टनल के दक्षिणी छोर पर सबसे ज्यादा बर्फ जमा हुई है। कई गाड़ियां फंस गई हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन और हिमाचल प्रदेश पुलिस पर्यटकों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अचानक बर्फबारी क्यों?
मार्च के मध्य में इस तरह की असमय बर्फबारी का कारण मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ को बताया है। भूमध्यसागरीय क्षेत्र के निम्न दबाव क्षेत्र से हवाएं पूर्व दिशा की ओर बहने लगती हैं। इन हवाओं के रास्ते में एकमात्र बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय है। इसलिए हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों की ठंडी हवा के संपर्क में आकर ये गर्म हवाएं बादल बनाती हैं। उसी से बारिश होती है। तापमान हिमांक से नीचे चला जाए तो बर्फबारी भी होती है।
मार्च के मध्य में इस तरह की बर्फबारी की घटना दुर्लभ मानी जाती है। आमतौर पर दिसंबर से फरवरी तक इस पर्वतीय क्षेत्र में ठंडा मौसम रहता है। उसी के प्रभाव से बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि वसंत के अंत तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमालय के इन पर्वतीय क्षेत्रों में बना रहता है। इसी कारण मार्च के अंत में भी हिमाचल प्रदेश, कश्मीर या उत्तराखंड में बर्फबारी हो सकती है।