2025 के दिसंबर तक टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम में विकेटकीपर के रूप में नियमित खेल रहे जीतेश शर्मा। इसके बावजूद उन्हें अंतिम क्षणों में बाहर रहना पड़ा। इस बारे में PTI के एक पॉडकास्ट में सूर्यकुमार ने कहा। उन्होंने बताया कि जीतेश को टीम से बाहर करना बिल्कुल आसान निर्णय नहीं था। लेकिन ओपनिंग में संयोजन और और अधिक आक्रामक बल्लेबाजी की आवश्यकता थी टीम प्रबंधन को। इसलिए लगभग ढाई साल तक टीम के लिए नियमित खेलने के बावजूद जीतेश को बाहर कर दिया गया। सूर्य ने कहा, 'जितेश को बाहर करने का फैसला वास्तव में काफी हद तक भावनाओं पर आधारित था। हालांकि इसमें पीछे निश्चित रूप से डेटा विश्लेषण भी था। जितेश के लिए इस फैसले को स्वीकार करना बहुत कठिन था, लेकिन टीम की जरूरत के लिए यह किया गया था। टीम ओपनिंग में लेफ्ट-राइट हैंड कॉम्बिनेशन रखना चाहती थी। इसके अलावा लक्ष्य यह था कि शुरू से ही और अधिक आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की जाए। जरूरत पड़ने पर दोनों विकेटकीपर-बल्लेबाजों को ही इन्निंग शुरू करने का विकल्प भी टीम प्रबंधन रखना चाहता था। इसलिए किसी न किसी को बाहर होना ही था।' जितेश की बजाय ईशान पर भरोसा रखा भारतीय टीम ने। उस भरोसे की कीमत भी इस युवा क्रिकेटर ने चुकाई।
विश्व कप की टीम से जितेश क्यों बाहर हुए ? सुर्यकुमार ने खुलासा किया
अंतिम क्षण में जितेश की जगह ईशान किशन को मौका मिला।
जीतेश शर्मा।