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अराबुल इस्लाम ने 'दुःखी मन' से छोड़ा तृणमूल का साथ, अब आगे क्या? कौन सी पार्टी में होंगे शामिल?

इस बात को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गयी हैं कि तृणमूल छोड़कर अराबुल इस्लाम कौन सी पार्टी में शामिल होने वाले हैं?

चुनाव का मौसम आते ही नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। पार्टी भले ही कोई भी हो, लेकिन नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने के ट्रेंड से कोई अछूता नहीं रह जाता है। अब तृणमूल के खिलाफ शिकायतों का पिटारा खोलकर अराबुल इस्लाम (Arabul Islam) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने खुद ही इस बात की जानकारी दी। इसके साथ ही इस बात को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गयी हैं कि तृणमूल छोड़कर अराबुल इस्लाम कौन सी पार्टी में शामिल होने वाले हैं?

कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि अराबुल हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) में शामिल हो सकते हैं। कुछ नौशाद सिद्दिकी की पार्टी ISF में शामिल होने का दावा कर रहे हैं।

हालांकि अराबुल ने कहा कि यह समय बताएगा। इससे पहले कई बार पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कई बार सस्पेंड भी किया जा चुका है। पिछले कुछ समय से उन्हें पार्टी के किसी कार्यक्रम में भी नहीं देखा जाता है। कैनिंग पूर्व के विधायक शौकत मोल्ला के साथ अराबुल इस्लाम के खट्टे-मीठे रिश्तों को लेकर कई तरह की बातें भी अक्सर सुनी जाती रही हैं।

पार्टी छोड़ते समय अराबुल ने कहा कि दिल से दुःखी होकर आज तृणमूल से इस्तीफा दिया। किस बात का दुःख? नंदीग्राम-सिंगुर आंदोलन की बात को उठाते हुए अराबुल ने कहा कि उस समय मैं ममता बनर्जी के साथ था। सिंगुर में हमलोग रोज 2-3 गाड़ियों में भरकर लोग लेकर जाते थे। नंदीग्राम में लगभग 21 बार पार्थ (चटर्जी) के साथ गया था।

दो बार उनकी गाड़ी पर गोलियां भी चली थी। हम किसी तरह से अपना सिर झुकाकर बचकर भागे थे। आज वहीं पार्टी अराबुल इस्लाम को नहीं पहचान रही है। 5 बार विभिन्न मामलों में फंसा हूं और 3 बार सस्पेंड हुआ हूं। इसलिए दुःखी मन से पार्टी से इस्तीफा दे दिया। अब आगे क्या?

इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा फुरफुरा जाऊंगा। उसके बाद ही अगले कदम के बारे में बताऊंगा। भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दिकी से अराबुल इस्लाम के ISF में शामिल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक वह आधिकारिक तौर पर तृणमूल में ही हैं। मेरे साथ ऐसी कोई बात भी नहीं हुई है।

लेकिन यह भी सच है कि हमारी पार्टी के कई नेताओं, जिलाओं के नेताओं से उन्होंने फोन पर सीधे तौर पर ISF में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की। हमारी पार्टी में कौन आएगा और कौन नहीं, इस बात का फैसला हमारी पार्टी के संस्थापक अब्बास सिद्दिकी भाईजान ही लेंगे।

इस बारे में तृणमूल नेता शौकत मोल्ला से उनकी प्रतिक्रिया पूछने पर उन्होंने कहा कि पहले जाए फिर जो कहना हो कहूंगा।

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