रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। उसी दिन चुनाव आयोग ने बंगाल के गृह सचिव और मुख्य सचिव को भी बदल दिया। राज्य के नए मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला को बनाया गया है। वह आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत थे।
इसके साथ उत्तर बंगाल विकास विभाग और कारा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उन्हें नंदिनी चक्रवर्ती के स्थान पर राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है।
राज्य की नई गृह सचिव संघमित्रा घोष को बनाया गया है। वह होम एंड हिल अफेयर्स विभाग की सचिव थी। उन्हें जगदीश प्रसाद मीणा के स्थान पर राज्य का गृह सचिव बनाया गया है। चुनाव आयोग ने इन दोनों से सोमवार की दोपहर 3 बजे तक अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है।
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अब चुनाव आयोग के पास राज्य के अधिकारियों, पुलिस कर्मियों व अधिकारियों का तबादला करने का विशेषाधिकार भी है। इससे पहले भी प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के बदलाव कई बार किए गए हैं लेकिन ऐसा संभवतः पहली बार हुआ है जब राज्य के दो उच्चाधिकारियों को एक साथ बदला गया हो।
गौरतलब है कि नए साल के पहले दिन ही नंदिनी चक्रवर्ती ने मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाली थी। वह राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बनी थी। कम से कम 8 वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़ उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। वहीं राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को दूसरे राज्यों (असम, केरल और तमिलनाडु) के विधानसभा चुनाव में 'केंद्रीय पर्यवेक्षक' के तौर पर चुनाव आयोग ने नियुक्त किया है। आमतौर पर किसी राज्य के मुख्य सचिव अथवा गृह सचिव को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाती है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवान्न की ओर से पत्र लिखकर गृह सचिव समेत 9 IAS अधिकारियों को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया गया था लेकिन चुनाव आयोग ने उसे अस्वीकार कर दिया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के चुनाव से संबंधित किसी भी काम में इन दोनों IAS अधिकारियों को शामिल नहीं किया जा सकता है।