इस्लामपुरः उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर कोर्ट मैदान में बुधवार को आयोजित तृणमूल कांग्रेस की चुनावी सभा उस समय चर्चा में आ गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं निर्धारित समय से काफी देर बाद मंच पर पहुंचीं। वे करीब तीन बजे सभा स्थल पर पहुंचीं और तुरंत संबोधन शुरू किया। हालांकि, देरी को लेकर उन्होंने मंच से ही नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के समय को लेकर गलत जानकारी दी गई थी।
उम्मीदवारों की सूची में गलती पर जतायी नाराजगी
सभा के दौरान जब पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी गई, तो उसमें गंभीर खामियां सामने आईं। सूची में उम्मीदवारों के नाम तो शामिल थे, लेकिन उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख नहीं किया गया था। यह देखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क उठीं और मंच से ही जिला तृणमूल अध्यक्ष तथा उम्मीदवार कनाईलाल अग्रवाल को कड़ी फटकार लगाई।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल नाम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कौन किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहा है।
जिला नेतृत्व ने दी सफाई
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद जिला तृणमूल अध्यक्ष कनाईलाल अग्रवाल ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग सूचियां तैयार की गई थीं-एक बंगला भाषा में और दूसरी अंग्रेजी में। उनके अनुसार, संभवतः गलती से गलत सूची मुख्यमंत्री तक पहुंच गई, जिसमें विधानसभा क्षेत्रों का विवरण शामिल नहीं था।
संगठनात्मक समन्वय पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर संगठनात्मक समन्वय को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सभा में पूर्व विधायक अब्दुल करीम चौधरी का नाम न लिए जाने को लेकर भी असंतोष देखा गया। उनके समर्थकों ने इसे लेकर नाराजगी जताई और कहा कि वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए। ममता बनर्जी के इस सख्त रुख को पार्टी के भीतर अनुशासन और जवाबदेही के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मंच से लगायी गयी फटकार से साफ है कि चुनावी माहौल में संगठनात्मक लापरवाही को लेकर वह किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।