नई दिल्लीः नई दिल्ली में संसद के विशेष सत्र के बीच गुरुवार का दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज दोपहर 3 बजे लोकसभा को संबोधित करने की संभावना जताई गई है। यह संबोधन ऐसे समय में हो सकता है जब सरकार तीन प्रमुख विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है।
सरकार की योजना के अनुसार, इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन (Delimitation) से संबंधित विधेयक प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानून संशोधन विधेयक को भी सदन में लाया जाएगा।
महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर फोकस
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक 2026 पेश कर सकते हैं, जबकि गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाएंगे।
सरकार का प्रस्ताव है कि महिला आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू किया जाए, जो 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही बहस तेज हो चुकी है।
लोकसभा में चर्चा का एजेंडा
बीजेपी की ओर से चर्चा की शुरुआत कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे। इसके अलावा बहस में कई महिला सांसदों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे, अपराजिता सारंगी, कंगना रनौत और धर्मशीला गुप्ता शामिल हैं।
विपक्षी दल महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन बिल को लेकर गंभीर आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से राज्यों के राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
सरकार का पक्ष और पीएम का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले विपक्ष से अपील की थी कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाए। उन्होंने इसे देश की महिलाओं की लंबे समय से लंबित मांग बताते हुए समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया था।
संसद का यह विशेष सत्र महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का मंच बनता दिख रहा है। आज का दिन लोकसभा की कार्यवाही के लिहाज से निर्णायक साबित हो सकता है।