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महिला आरक्षण बिल के साथ क्यों Delimitation को जोड़ा जा रहा है? बंगाल विभाजन की साजिश : ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने सवाल उठाया है कि महिला आरक्षण बिल के साथ लोकसभा सीट पुनर्विन्यास बिल को क्यों जोड़ा जा रहा है?

By Moumita Bhattacharya, Sayani Jowardar

Apr 16, 2026 18:09 IST

महिला आरक्षण बिल के साथ इस समय लोकसभा में सीट पुनर्विन्यास बिल अथवा Delimitation Bill भी जुड़ा हुआ है। इसे लेकर गुरुवार से लोकसभा की तीन दिनों का विशेष अधिवेशन बुलाया गया है। इस मुद्दे पर कुचबिहार के माथाभांगा की सभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपनी आवाज उठायी है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि महिला आरक्षण बिल के साथ लोकसभा सीट पुनर्विन्यास बिल को क्यों जोड़ा जा रहा है? उनका आरोप है कि दिल्ली की भाजपा सरकार इस प्रकार से राज्य के बंटवारे, मतदाताओं का नाम काटना और NRC की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का षड्यंत्र रच रही है।

ममता बनर्जी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल की बात हो रही थी। लेकिन उसके साथ डिलिमिटेशन बिल क्यों पेश हो रहा है? क्योंकि बंगाल के बंटवारे की कोशिश की जा रही है, पूरे देश को बांटने की कोशिशें की जा रही है। टुकड़ों में तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन बिल एक साथ नहीं किया जा सकता है। यह वोट काटने और NRC की योजना का ही हिस्सा है।

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गौरतलब है कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में कुचबिहार के शीतलकुची में केंद्रीय बल के जवानों को गोली चलानी पड़ी थी। उस बात को फिर से उठाते हुए तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि तब केंद्रीय बल के जवानों ने गोली चलाकर 4 लोगों की हत्या की थी। मैं तुरंत यहां आयी थी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया छिंटमहल का अधिग्रहण भी उन्होंने ही किया था।

ममता बनर्जी का दावा है कि मैंने पूछा था कि क्या आप भारत का हिस्सा बने रहना चाहते हैं? वे ऐसा चाहते थे और मैंने वापस लौटकर फैसला लिया था। छिटमहल के लिए जो-जो करना चाहिए था वह मैंने सब कुछ कर दिया था। आज आप इज्जत के साथ जी रहे हैं।

ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा विभिन्न प्रकार से बंगाल पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र से उद्धव ठाकरे, तमिलनाडु से स्टैलिन, बिहार से तेजस्वी यादव और उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव ने उनसे संपर्क किया है। सभी बंगाल के साथ हैं।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा यहां अत्याचार कर रही है। एक पक्ष बदमाशी कर रहा है। तृणमूल कार्यकर्ताओं को आधी रात को गिरफ्तार, एजेंट को गिरफ्तार किया जा रहा है। गड़बड़ी के नाम पर NIA से मामला दायर करवाया जा रहा है। 4 तारीख के बाद हम आपलोगों का मुखौटा खोल देंगे।

मुख्यमंत्री का दावा है कि बूथ पर बैठने के लिए भी भाजपा के पास लोग नहीं हैं। बाहर से एजेंसी लाकर बूथ पर बैठाने की योजना बनायी जा रही है। असम में बाहर से लोग लाकर चुनाव करवाया गया है। इसलिए असम की सीमा पर भी नजर रखनी होगी। ट्रेन से कौन आ रहे हैं, इसपर पर निगरानी करनी होगी।

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