बॉलीवुड में इन दिनों “वर्क-लाइफ बैलेंस” वाला एकदम मसालेदार ड्रामा चल रहा है और इसमें दो बड़ी अभिनेत्रियों की एंट्री ने इसे और भी दिलचस्प बना दिया है!
दरअसल जब दीपिका पादुकोण ने कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाई और वजह बनी तय काम के घंटे तो इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई। खासकर फिल्म स्पिरिट से उनका अचानक बाहर होना चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया। कहा जा रहा है कि दीपिका ने 8 घंटे की शिफ्ट की मांग रखी थी और यहीं से बहस ने जोर पकड़ लिया।
अब इस पूरे मामले में “क्वीन” अंदाज़ में एंट्री हुई कंगना रनौत की और उन्होंने खुलकर दीपिका का समर्थन किया।
कंगना का कहना है कि दीपिका आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। अब अगर वो 8 घंटे काम करना चाहती हैं तो ये उनका हक है और इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
मामले में असली ट्विस्ट तब आया जब कंगना ने पुराने दिनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वो और दीपिका 12-14 घंटे तक लगातार काम करती थीं। उस वक्त दोनों के अंदर सफलता पाने का जुनून था और वो किसी भी हद तक मेहनत करने को तैयार रहती थीं।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…कंगना ने इंडस्ट्री की सच्चाई भी सामने रखी। उनका कहना है कि नए कलाकारों के लिए शुरुआत में अपनी जगह बनाना मुश्किल होता है क्योंकि उन्हें आसानी से बदला जा सकता है। लेकिन जब कोई कलाकार शीर्ष पर पहुंच जाता है तो काम की शर्तें वही तय करता है।
साथ ही उन्होंने एक अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज की महिलाओं पर दोहरी जिम्मेदारी है। उन्हें करियर भी संभालना पड़ता है और परिवार भी। ऐसे में अगर कोई अभिनेत्री अपने काम के घंटों को संतुलित करना चाहती है तो उसे समझा जाना चाहिए, न कि आलोचना की जानी चाहिए।
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया और फिल्मी दुनिया में “काम के घंटे बनाम स्टार पावर” की बहस छेड़ दी है, जिस पर कई सितारे अपनी राय दे रहे हैं।
खबरों की मानें तो दीपिका अब फिल्म राका में नजर आ सकती हैं, जिसमें उनके साथ अल्लू अर्जुन दिखेंगे। वहीं कंगना हाल ही में फिल्म इमरजेंसी में इंदिरा गांधी का किरदार निभाकर सुर्खियों में थीं।
अब देखना होगा कि क्या बॉलीवुड में 8 घंटे की शिफ्ट का ट्रेंड शुरू होता है या ये बहस धीरे-धीरे शांत हो जाती है!