मतदाताओं का नाम वोट से 48 घंटा पहले भी मतदाता सूची में शामिल हो सकता है। SIR में जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है और जिनका नाम विचाराधीन हैं, वे ट्रिब्यूनल में आवेदन कर सकते हैं।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद संख्या 142 का प्रयोग कर फैसला सुनाया है कि 21 और 27 अप्रैल तक जिन मतदाताओं के पास ट्रिब्यूनल की मंजूरी मिल जाएगी, उनकी सूची चुनाव आयोग को जारी करनी होगी।
इस वजह से ये मतदाता भी मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।
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गुरुवार को कुचबिहार के एबीएन शील कॉलेज मैदान से ममता बनर्जी ने कहा, "I am so happy... सबसे कहा था कि धैर्य रखिए।" उन्होंने आगे कहा कि एजूडिकेशन होने पर ट्रिब्यूनल में आवेदन करें। सभी शायद यहीं करते हैं। मैंने खुद को मामला किया था। मेरे मामले के आधार पर ही...आज मुझसे ज्यादा खुश और कोई नहीं हो सकता।
पार्टी के कर्मचारियों को उन्होंने निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहले चरण के चुनाव के लिए सप्लिमेंट्री लिस्ट 21 अप्रैल को जारी की जाएगी। ममता बनर्जी ने कहा कि नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा है कि रात तक वोटर स्लिप बनाकर घर-घर पहुंचा दें ताकि वे वोट दे सकें। 29 अप्रैल के अंत में 2 दिन पहले सप्लिमेंट्री लिस्ट जारी होगी, उन्होंने बताया कि उस समय भी ऐसा ही किया जाएगा।