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ट्रंप का NATO पर तीखा हमला: “कागजी शेर हैं सहयोगी देश”, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ा तनाव

होर्मुज संकट के बीच NATO पर ट्रंप की सख्त टिप्पणी।

By श्वेता सिंह

Apr 17, 2026 21:51 IST

वाशिंगटन डीसीः ताजा राजनीतिक घटनाक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने NATO (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) पर सीधा और तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने नाटो (NATO) देशों को “कागजी शेर” (paper tiger) बताते हुए उनकी भूमिका और प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से “पूरी तरह खुला” घोषित किया है।

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया कि इस घोषणा के बाद नाटो (NATO) सदस्य देशों ने उनसे संपर्क कर सहायता की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे समय में जब स्थिति पहले ही सामान्य हो रही है, अनावश्यक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

“जरूरत के वक्त अनुपस्थित रहते हैं NATO देश”

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल (Truth Social) पर ट्रंप ने नाटो (NATO) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संगठन संकट के समय अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वास्तव में सहयोग की जरूरत होती है, तब सदस्य देश सक्रिय नहीं दिखते, लेकिन बाद में सहायता का प्रस्ताव लेकर सामने आते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसी आधार पर NATO को “कागजी शेर” कहा, जिसका अर्थ है कि यह संगठन दिखने में मजबूत लगता है, लेकिन वास्तविक परिस्थितियों में इसकी प्रभावशीलता सीमित है। उनके इस बयान ने एक बार फिर पश्चिमी सैन्य गठबंधन की सामूहिक सुरक्षा नीति पर बहस छेड़ दी है।

खाड़ी देशों की सराहना, पश्चिमी सहयोगियों पर कटाक्ष

NATO की आलोचना के साथ ही ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख देशों-सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन देशों ने मौजूदा परिस्थितियों में “हिम्मत और सहयोग” दिखाया है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाई है।

उनकी यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक विरोधाभासी संदेश के रूप में देखी जा रही है, जहां एक ओर पश्चिमी गठबंधन पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर मध्य पूर्वी साझेदारों की भूमिका को सराहा गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला, लेकिन वैश्विक तनाव बरकरार

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक यातायात के लिए फिर से खोलने की घोषणा भी शामिल है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, यह निर्णय संघर्षविराम और समन्वित समुद्री मार्ग व्यवस्था के तहत लिया गया है।

हालांकि ट्रंप ने इस मार्ग को “पूरी तरह खुला और व्यापार के लिए तैयार” बताया है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कोई अंतिम और पूर्ण समझौता नहीं हो जाता। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है।

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