नई दिल्लीः नई दिल्ली में शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं हो सका। यह विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देने तथा इसे 2029 के आम चुनाव से लागू करने के प्रावधान से जुड़ा था। पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण यह विधेयक सदन में आगे नहीं बढ़ सका।
मतदान का परिणाम: 298 समर्थन, 230 विरोध
विधेयक पर हुई वोटिंग में 298 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। हालांकि, संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (2/3 majority) हासिल नहीं हो सका। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परिणाम घोषित करते हुए विधेयक को असफल करार दिया।
संसद में राजनीतिक हलचल और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मतदान के तुरंत बाद संसद में राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्षी दलों ने इस परिणाम को अपनी एकजुटता की जीत बताया, जबकि सरकार के लिए यह एक बड़ा विधायी झटका माना जा रहा है। विपक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण को टालना और इसे सीमांकन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया से जोड़ना कई राज्यों के राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच बातचीत
घटनाक्रम के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से फोन पर बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने विपक्षी एकता को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद दिया। वहीं सरकार का कहना है कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण था, लेकिन आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण पारित नहीं हो सका। इस घटनाक्रम ने आने वाले समय में संसद की राजनीतिक दिशा को और अधिक चर्चित बना दिया है।