अमेरिका ने रूस से ईंधन खरीदने के मामले में अपना मन बदल लिया है। कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने घोषणा की थी कि रूस से ईंधन खरीदने की कुछ समय की छूट दी गयी थी जिसे अब बढ़ाया नहीं जाएगा लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का मन बदल गया। रूस से ईंधन खरीदने के मामले में दी गयी छूट की मियाद को बढ़ाने की घोषणा की गयी है।
इस वजह से अब अगले 1 महीने तक भारत समेत अन्य देश रूस से ईंधन, तेल और पेट्रोलियम पदार्थ खरीद सकेंगे। गौरतलब है कि ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध की वजह से होर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद पड़ गया जिस कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई थी। ऐसी परिस्थिति में गत 12 मार्च को अमेरिका की ट्रेजरी विभाग ने रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट दी थी। अमेरिका ने यह 'छूट' ईंधन की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए भारत समेत कई अन्य देशों को दी थी।
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बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी के सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया था कि रूस से तेल खरीदने के मामले में जो छूट दी गयी थी उसे अब और नहीं बढ़ायी जाएगी। लेकिन शुक्रवार को होर्मूज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया। इसके साथ ही अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने रूस से ईंधन खरीदने के विषय में नई छूट की भी घोषणा की। पहले अमेरिकी ट्रेजरी ने जो छूट दी थी उसकी मियाद 11 अप्रैल को खत्म हो गयी थी लेकिन अब उसे बढ़ाकर 16 मई कर दिया गया है।
रॉयटर्स की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे भारत समेत अन्य देशों को करीब 1 महीने के लिए समुद्रमार्ग से रूसी तेल व पेट्रोलियम पदार्थों को खरीदने की अनुमति मिल गयी जिसपर पाबंदी लगी हुई थी। इससे उम्मीद की जा रही है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष की वजह से आसमान छूती तेल की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में भारत के विदेश सचिव के अमेरिका दौरे पर भी ईंधन के आयात की मियाद को बढ़ाने के बारे में बातचीत हुई थी। वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली में रूस के नवनियुक्त राजदूत डेनिस ऑलीपव ने असंशोधित तेल, एलपीजी और एलएनजी समेत अन्य ईंधनों के निर्यात को रूस से भारत में बढ़ाने का भी आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि रूस ने भारत में तेल का निर्यात काफी बढ़ा दिया है। इसके साथ ही भारत की मांग के आधार पर ईंधन की आपूर्ति को लगातार बनाए रखने के लिए मॉस्को प्रतिबद्ध है।