नई दिल्ली :दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Meta जल्द ही व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह प्रक्रिया 20 मई से शुरू हो सकती है और वर्ष 2026 के लिए तय की गई बड़ी कटौती का यह शुरुआती चरण माना जा रहा है।
कंपनी से जुड़े अंदरूनी सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले चरण में कुल कर्मचारियों का करीब 10 प्रतिशत घटाया जा सकता है। इस फैसले से लगभग 8,000 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होने की आशंका है। हाल के वर्षों में इसे कंपनी की सबसे बड़ी छंटनी में से एक माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह कदम मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश और कंपनी की कार्यप्रणाली को नए सिरे से व्यवस्थित करने की रणनीति का हिस्सा है। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में कंपनियां अब AI-आधारित ढांचे को अपनाने पर जोर दे रही हैं और मेटा भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग AI परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार यह निवेश कई हजार करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। इसका उद्देश्य मेटा के प्रोडक्ट्स, प्लेटफॉर्म और काम करने के तरीके को पूरी तरह AI-निर्भर बनाना है।
इस बदलाव के चलते कंपनी के भीतर बड़े पैमाने पर पुनर्गठन किया जा रहा है जिसके तहत कर्मचारियों की संख्या में कमी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेक उद्योग में अब ऑटोमेशन और AI-आधारित दक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है जिससे कई क्षेत्रों में मानव श्रम की आवश्यकता कम हो रही है।
सूत्रों के अनुसार यह प्रक्रिया यहीं तक सीमित नहीं रहेगी। 2026 की दूसरी छमाही में भी मेटा में और छंटनी हो सकती है। हालांकि उस समय कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे और इसका सटीक कार्यक्रम क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है। आगे की रणनीति इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी AI तकनीक को अपने कामकाज में कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है।
कुल मिलाकर मेटा का यह कदम टेक उद्योग में हो रहे बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। AI की दौड़ में आगे बने रहने के लिए कंपनियां अब कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हट रही हैं और यह छंटनी उसी प्रवृत्ति का एक प्रमुख उदाहरण है