नई दिल्लीः आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो ने गुरुवार को 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक कार्यक्रम की घोषणा की। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा बायबैक प्रस्ताव है, जो 2023 में किए गए 12,000 करोड़ रुपये के बायबैक से भी बड़ा है। हालांकि हाल के वर्षों में अन्य आईटी कंपनियों के मुकाबले यह प्रस्ताव थोड़ा पीछे है। विप्रो का यह बड़ा बायबैक प्रस्ताव आईटी सेक्टर में निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य को लेकर उसके आत्मविश्वास को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धियों के बड़े बायबैक से तुलना
आईटी सेक्टर में हालिया समय में इन्फोसिस ने नवंबर में 18,000 करोड़ रुपये का अपना सबसे बड़ा बायबैक पूरा किया था, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने दिसंबर 2023 में 17,000 करोड़ रुपये का शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम पूरा किया था। 18,000 करोड़ रुपये का बायबैक अब तक किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा माना जाता है।
बायबैक क्यों करती हैं कंपनियां?
आमतौर पर कंपनियां शेयर बायबैक के जरिए अपने अतिरिक्त नकदी को निवेशकों को लौटाती हैं, प्रति शेयर आय (ईपीएस) को बेहतर बनाती हैं और अपने वित्तीय प्रदर्शन पर भरोसा जताती हैं।
बोर्ड ने दी मंजूरी, 250 रुपये प्रति शेयर तय कीमत
विप्रो ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने 250 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर वापस खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह बायबैक टेंडर ऑफर के माध्यम से किया जाएगा।
करीब तीन साल बाद फिर बायबैक
यह लगभग तीन साल के अंतराल के बाद कंपनी का पहला बायबैक कार्यक्रम है। कंपनी के अनुसार, कुल 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 60 करोड़ तक इक्विटी शेयर (कुल चुकता पूंजी का 5.7 प्रतिशत) खरीदे जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल राशि 150 बिलियन रुपये (करीब 1.6 बिलियन डॉलर) से अधिक नहीं होगी और यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रहेगा।
बाजार मूल्य से करीब 19% अधिक कीमत
250 रुपये प्रति शेयर का बायबैक मूल्य, बीएसई पर गुरुवार के बंद भाव 210.20 रुपये की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।
2027 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद
विप्रो की मुख्य वित्तीय अधिकारी अपरना अय्यर ने आय कॉल के दौरान बताया कि यह बायबैक प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद 2027 की पहली तिमाही तक पूरी होने की संभावना है।
सायेंट भी बायबैक प्रस्ताव पर करेगा विचार
इसी बीच सायेंट के निदेशक मंडल की बैठक 23 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें शेयर बायबैक पर विचार किया जाएगा।