भूकंप के बाद जापान में सुनामी (Tsunami) की आशंका पहले ही जतायी गयी थी। भूकंप के महज 40 मिनट बाद ही जापान के तटवर्तीय इलाकों में सुनामी जैसी तेज और ऊंची लहरें टकरायी। हालांकि सावधानी बरतते हुए पहले से ही जापान के उत्तर-पूर्व तटवर्तीय इलाकों को प्रशासन ने खाली करवा दिया था। इसके साथ चेतावनी भी जारी की गयी थी।
बता दें, साल 2011 में आयी सुनामी में जापान में करीब 18,000 से अधिक लोगों की जान चली गयी थी। अभी तक जापान में जान-माल के किसी नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है।
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सोमवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 1.23 बजे जापान के प्रशांत महासागर के तटवर्तीय इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गयी थी। इसके बाद ही जापान में सुनामी की चेतावनी जारी की गयी थी।
कहा गया था कि तटवर्तीय इलाकों में 3 मीटर ऊंची लहरे तक टकरा सकती हैं। बताया जाता है कि भूकंप के करीब 40 मिनट बाद ही इवाते (Iwate) के कूजी तट पर करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी की लहरें आकर टकरायी। साथ ही बताया जाता है कि अन्य तटवर्तीय इलाकों में भी तुलनात्मक रूप से छोटी लहरें तट से टकरायी हैं।
First footage of tsunami waves hitting Japan's coastline following today's 7.4 magnitude earthquake. pic.twitter.com/H1UTbWKRnU
— Massimo (@Rainmaker1973) April 20, 2026
मिली जानकारी के अनुसार परिस्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इलाके के लोगों को ऊंचे स्थानों पर भेज दिया है। इलाके में लगातार सायरन, मोबाइल पर अलर्ट और स्थानीय स्तर पर लोगों को चेतावनी दी जा रही है ताकि कोई भी समुद्र तट की तरफ न जाए।
बताया जाता है कि अभी तक इलाके में जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन प्रशासन परिस्थिति को पूरी तरह से स्वाभाविक नहीं मान रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परमाणु विद्युतकेंद्रों पर भी खासतौर पर निगरानी की जा रही है और अभी तक सब कुछ सामान्य ही लग रहा है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जापान किसी भी गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तत्पर और तैयार खड़ा है।