न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन के दौरान इजरायल ने पाकिस्तान पर ईरान के साथ गुप्त समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया है। दावा किया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए पाकिस्तान ने ईरान को अलग से भुगतान किया है। इसी मुद्दे पर चीन और फ्रांस पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पश्चिम एशिया में युद्धविराम की अवधि खत्म होने के करीब है, जिससे क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति भी अस्थिर बनी हुई है, जहां ईरान कभी रास्ता खोल देता है तो कभी अचानक बंद कर देता है। शनिवार को ईरानी गनबोट्स ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग भी की।
इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने 18 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत से सीधे कहा कि उन्होंने ईरान के साथ समझौता होने की बात स्वीकार की है।डैनन ने चीन और फ्रांस के राजदूतों से भी पूछा कि उन्होंने अपने जहाजों को सुरक्षित पार कराने के लिए ईरान को कितनी रकम दी। उन्होंने फ्रांस के राजदूत से भुगतान का प्रमाण तक दिखाने की मांग की।
इजरायल ने इस पूरे मामले को ‘आर्थिक आतंकवाद’ करार दिया है। डैनन के अनुसार, जो देश ईरान को इस तरह भुगतान कर रहे हैं, वे उसके दबाव बनाने की रणनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में विभिन्न देशों के जहाजों को रोककर भारी ‘टोल’ वसूल रहा है। इस संकट का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है।