स्थापना की पहली वर्षगांठ से पहले ही दीघा के जगन्नाथ मंदिर ने नया रिकॉर्ड बना डाला है। इस साल दीघा का जगन्नाथ मंदिर अपना पहला साल मनाने वाला है। उससे पहले ही मंदिर प्रबंधन ने जारी दी है कि मंदिर के उद्घाटन से लेकर गत रविवार (19 अप्रैल 2026) तक करीब 1 करोड़ से अधिक भक्तों ने प्रभु जगन्नाथ, उनकी बहन देवी सुभद्रा और दाऊ बलभद्र के दर्शन किए हैं।
पिछले साल 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर दीघा में जगन्नाथ मंदिर का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से ही बड़ी संख्या में देश व विदेशों से आने वाले पर्यटकों का हुजूम यहां उमड़ रहा है।
भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि इस वजह से दीघा की अर्थव्यवस्था और पर्यटन में काफी उछाल आया है।
शनिवार (19 अप्रैल) को अक्षय तृतीया के मौके पर दीघा के जगन्नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा मंदिर प्रबंधन ने जारी किया है। बताया गया है कि अंग्रेजी कैलेंडर के 1 साल पूरे होने से पहले ही जगन्नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यहां 1 करोड़ 33 लाख से अधिक भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए।
दीघा जगन्नाथ मंदिर का भव्य दृश्य/फाइल फोटो X जगन्नाथ मंदिर की विशेषताएं
क्या आप जानते हैं दीघा के जगन्नाथ मंदिर का निर्माण भी उन्हीं 800 कुशल कारीगरों ने किया है जिनमें से अधिकांश अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण में भी शामिल रहे हैं। इस मंदिर के निर्माण गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर इस मंदिर का निर्माण भी 'सम्पूर्णा' शैली के आधार पर ही की गयी है। मंदिर में चार मुख्य द्वार हैं - मुख्य प्रवेश द्वार, व्यघ्र द्वार, हस्ती द्वार और अश्व द्वार। मंदिर 4 हिस्सों में बंटा है जिनमें भोग मंडप, नाट मंदिर, जगमोहन मंदिर और गर्भगृह शामिल है। इस मंदिर में एक लक्ष्मी मंदिर स्थित है।
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कोलकाता इस्कॉन ही दीघा में जगन्नाथ मंदिर की जिम्मेदारी संभालते हैं। इस बारे में इस्कॉन के अधिकारी राधारमण दास ने बताया कि भक्तों की यह भीड़ मंदिर के प्रति उनकी आस्था का ही फल है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर ने पिछले 1 साल के दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति अर्जित की है।
संभावना जतायी जा रही है कि 1 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेंगे। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मंदिर की वर्षगांठ के मौके पर मंदिर परिसर में गौर-निताई की प्रतिमा स्थापित की जा सकती है।