जमालपुरः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले सियासी माहौल और अधिक गर्म हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को जमालपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और टीएमसी सरकार पर हमला बोला।
महिला सुरक्षा पर बड़ा आरोप
अमित शाह ने टीएमसी सरकार पर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में “माताओं, बहनों और बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल नहीं है।” शाह ने अपने भाषण में आरजी कर मेडिकल कॉलेज, संदेशखाली और कुछ अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “ममता सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।”
ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार
अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर लोगों को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी। इस पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि “बीजेपी की सरकार बनने के बाद स्थिति बदल जाएगी और हर लड़की देर रात तक सुरक्षित बाहर निकल सकेगी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद ममता सरकार का समय समाप्त हो जाएगा।
बीजेपी की जीत का दावा
अमित शाह ने आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी की स्थिति पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पहले चरण की वोटिंग में बीजेपी को भारी समर्थन मिला है और पार्टी 110 सीटों तक जीत हासिल कर सकती है। शाह ने दावा किया कि चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मनाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बंगाल की पारंपरिक मिठाई “सीता भोग” भेंट की जाएगी।
भ्रष्टाचार और फंड के इस्तेमाल पर आरोप
अपने संबोधन में शाह ने टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए फंड-जैसे गरीबों के घर, स्वच्छ पानी और शिक्षा का दुरुपयोग किया जा रहा है। अमित शाह के अनुसार यह पैसा “टीएमसी सिंडिकेट और कट मनी” में चला जाता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता में आने पर हर एक पैसा वापस लाएगी। अमित शाह ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है तो मतुआ समुदाय सहित सभी पात्र लोगों को नागरिकता दी जाएगी।
दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। दूसरे चरण से पहले बंगाल की राजनीति पूरी तरह आरोप-प्रत्यारोप के दौर में पहुंच गई है। जहां बीजेपी महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और विकास को मुद्दा बना रही है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रही है। अब नजरें 29 अप्रैल की वोटिंग और 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं।