कोलकाता : आईपीएल के इस सीजन में अब तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए हालात किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। सात मैच खेलने के बाद टीम को पांच में हार का सामना करना पड़ा है। केवल तीन अंकों के साथ टीम अंकतालिका में सबसे नीचे है। प्ले-ऑफ में पहुंचने के लिए अब उन्हें लगभग चमत्कार की जरूरत है। हर मैच अब अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति बन चुका है।
हालांकि टीम की इस नाकामी का कारण प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। बल्कि टीम चयन में गलतियां, कप्तानी में खामियां और योजनाओं की कमी को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है-क्या कोच और कप्तान बदलना ही समाधान है?
इस विचार से सहमत नहीं हैं 2012 की ट्रॉफी जीतने वाली KKR टीम के सदस्य लक्ष्मीरतन शुक्ला। उनका मानना है कि इस मुश्किल स्थिति से वापसी के लिए टीम को अपने मालिक शाहरुख खान के ‘वोकल टॉनिक’ की जरूरत है।
क्यों शाहरुख खान टीम को फिर से लय में ला सकते हैं?
स्ट्राइक रेट में गिरावट, गेंदबाज़ी की खराब इकॉनमी और बल्लेबाजी क्रम तय करने में गलतियां-इन सब समस्याओं के बीच लक्ष्मीरतन शुक्ला का मानना है कि अत्यधिक विश्लेषण या लगातार बैठकों से ज्यादा जरूरी है मूलभूत सोच की ओर लौटना। और यह काम ‘किंग खान’ कर सकते हैं।
लक्ष्मीरतन शुक्ला ने क्या कहा?
एक अंग्रेजी दैनिक को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने बताया की पहले साल शाहरुख खान खुद आकर टीम के हर खिलाड़ी से अलग-अलग बात करते थे। 2012 में जब हम चैंपियन बने तब भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दी थीं। मुझे लगता है कि इस बार वह टीम मीटिंग अभी तक नहीं हुई है। टीम को शाहरुख खान से वह ‘वोकल टॉनिक’ अभी तक नहीं मिला है।
शाहरुख खान और KKR का रिश्ता
लक्ष्मीरतन शुक्ला की यह बात तर्कसंगत मानी जा रही है। इंडियन प्रीमियर लीग में ऐसे मालिक कम हैं जो अपनी टीम के साथ इतनी गहराई से जुड़े रहते हैं और शाहरुख खान उनमें प्रमुख हैं। वह हर सीजन में खिलाड़ियों से मिलते हैं उनसे बातचीत करते हैं और स्टेडियम में बैठकर टीम का उत्साह बढ़ाते हैं।
इस सीज़न में भी वह पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान ईडन गार्डन्स में मौजूद थे। कठिन समय में ‘पेप टॉक’ देकर टीम को प्रेरित करना उनकी पहचान रही है। अब देखना यह है कि क्या इस बार भी उनका वही जादू KKR को संभाल पाएगा। फैंस की निगाहें इसी पर टिकी हैं।