हुगलीः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है। हुगली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर गंभीर आरोप लगाए और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता किया है, उससे भारत के कृषि क्षेत्र, छोटे उद्योग और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि “भारत के कृषि क्षेत्र, छोटे और मझोले उद्योग तथा ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान हुआ है और देश का डेटा भी प्रभावित हुआ है।” राहुल गांधी के अनुसार, यह सब किसी न किसी दबाव में किया गया है, जिसके कारण देश की आर्थिक स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला
रैली के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, विशेष रूप से नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन नीतियों ने देश के छोटे व्यापारियों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनका आरोप था कि सरकार की नीतियां आम जनता के बजाय कुछ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार पर भी निशाना
राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और टीएमसी सरकार पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों का पतन हुआ है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। राहुल गांधी के अनुसार, “बंगाल में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और नौकरियां केवल राजनीतिक संबंधों के आधार पर दी जा रही हैं।”
भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टीएमसी और बीजेपी दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपये का जनता को नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने कोयला तस्करी, अवैध खनन और कथित “कट मनी सिस्टम” का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई रेप और हत्या की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
बंगाल चुनाव 2026 में राजनीतिक लड़ाई अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों तक फैल गई है। राहुल गांधी के इन बयानों ने चुनावी माहौल को और अधिक तीखा और बहसपूर्ण बना दिया है।