कोलकाता/संतोषपुरः कोलकाता के संतोषपुर स्टेशन के पास शनिवार दोपहर लगी भीषण आग ने इलाके में भारी तबाही मचा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती इसकी चपेट में आ गई और सैकड़ों लोग बेघर हो गए। इस घटना का सीधा असर शियालदह–बजबज रेल खंड पर पड़ा है, जहां ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बाधित है।
पूर्व रेलवे के अनुसार आग लगने से रेलवे लाइन के ऊपर लगे हाईटेंशन तार बुरी तरह क्षतिग्रस्त और कई जगह पिघल गए, जिसके कारण सुरक्षा को देखते हुए माझेरहाट के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। सुरक्षा जांच शाम 7 बजे निर्धारित थी, लेकिन देर रात तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिससे सेवा बहाल होने में लगातार देरी हो रही है।
आग संतोषपुर स्टेशन से लगभग 200 मीटर दूर स्थित 16 बीघा बस्ती में लगी, जहां झोपड़ियों में रहने वाले परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार 100 से अधिक झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की भयावहता इस बात से भी समझी जा सकती है कि कई जगह गैस सिलेंडर फटने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे आग और तेजी से फैल गई।
स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग पर देर से पहुंचने का आरोप लगाया है, हालांकि दमकल कर्मियों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रविंद्रनगर फायर स्टेशन पास होने के बावजूद आग बुझाने में समय लगने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आग नियंत्रित कर ली गई है, लेकिन मरम्मत और सुरक्षा जांच का कार्य जारी है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जब तक हाईटेंशन तारों की पूरी मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सियालदह–बजबज लाइन पर ट्रेन सेवा शुरू करना संभव नहीं होगा। फिलहाल ट्रेनों का संचालन माझेरहाट तक ही सीमित है।
इस अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है, जिनके घर, सामान और जरूरी दस्तावेज सब नष्ट हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्र महेशतला विधानसभा के अंतर्गत आता है, जहां आगामी 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता और अस्थिरता का माहौल भी देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर यह भीषण आग न केवल मानवीय त्रासदी बनकर सामने आई है, बल्कि इससे रेलवे सेवाएं भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। फिलहाल राहत, पुनर्वास और मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लगने की संभावना है।