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‘अमीर बनने से पहले बूढ़ा’ हो रहा है चीन: गिरती जन्मदर और बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी से अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

लगातार चार साल से जनसंख्या में गिरावट, लाखों नौकरियों पर संकट, लैंगिक संतुलन बिगड़ा

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 19, 2026 21:16 IST

बीजिंग: चीन इस समय एक बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजर रहा है, जहां जन्मदर लगातार गिर रही है और आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है। ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट में इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी रिसर्च से जुड़े ताइवान के शोधकर्ता वांग चान-ह्सी के हवाले से कहा गया है कि 2016 के बाद से चीन की जन्मदर में तेज गिरावट आई है। जिस जनसांख्यिकीय बढ़त ने वर्षों तक आर्थिक विकास को सहारा दिया, अब बोझ में बदलती जा रही है।

मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल की ताज़ा रिपोर्ट में प्रकाशित अपने लेख में वांग ने बताया कि पिछले साल चीन में केवल 7.92 मिलियन बच्चों का जन्म हुआ, जो 2016 के आंकड़े का सिर्फ 44 प्रतिशत है। यह संख्या पहले के 9 और 8 मिलियन के अनुमान से भी कम है और 1949 में “पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना” की स्थापना के बाद का सबसे निचला स्तर है। देश की कुल आबादी घटकर 1.40489 अरब रह गई है और लगातार चार वर्षों से नकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 3–5 वर्षों में चीन की जन्मदर ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के स्तर तक गिर सकती है। इसका असर शिक्षा क्षेत्र पर साफ दिखने लगा है। 2024 में करीब 20,000 किंडरगार्टन बंद हुए और 2.4 लाख से अधिक प्री-स्कूल शिक्षकों की नौकरियां चली गईं। 2023 से हर साल प्राथमिक विद्यालयों में 20 लाख से ज्यादा छात्रों की कमी दर्ज हो रही है, जिससे शिक्षकों की नौकरियों पर भी असर पड़ रहा है।

लैंगिक असंतुलन भी एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। 2021 की सातवीं राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार शहरों में प्रति 100 महिलाओं पर 106 पुरुष हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह अनुपात 120 तक पहुंच जाता है। वांग के अनुसार ग्रामीण चीन में करीब 3 करोड़ अविवाहित पुरुष हैं, जबकि बड़े शहरों में 2 करोड़ से अधिक अविवाहित महिलाएं रहती हैं। यह असंतुलन विवाह और जन्मदर दोनों को प्रभावित कर रहा है।

इसके अलावा तेजी से बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी और अमीर बनने से पहले बूढ़ा होना जैसी स्थिति, कमजोर उपभोक्ता मांग, भविष्य में गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। चीन में बुज़ुर्गों की आय में भी भारी असमानता है। 32 करोड़ से अधिक रिटायर्ड लोगों में से लगभग 18 करोड़ ग्रामीण पेंशनभोगियों को हर महीने 200 युआन से भी कम मिलते हैं, जबकि सिर्फ 1.7 करोड़ शहरी पेंशनभोगी ही 5,000 युआन से अधिक मासिक पाते हैं, जो कुल रिटायर्ड आबादी का केवल 5.3 प्रतिशत है।

वांग चान-ह्सी ने चेताया कि मध्यम और लंबी अवधि में घटती जन्मदर और तेजी से बढ़ती उम्रदराज़ आबादी, चीन के सतत विकास के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है और यह उसके आर्थिक व सामाजिक ढांचे को पहले के अनुमान से कहीं अधिक प्रभावित कर सकती है।

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