पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण अगले गुरुवार (23 अप्रैल) को होने वाला है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में सोशल मीडिया का दुर्व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने खास तौर पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बने कॉन्टेंट के प्रति चेताते हुए कहा कि सभी पक्षों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आदर्श आचार संहिता का पालन करना होगा।
रविवार को चुनाव आयोग ने एक विज्ञप्ति जारी की जिसमें कहा है कि 15 मार्च को विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद से अभी तक 11 हजार से भी अधिक आपत्तिजनक पोस्ट को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गयी है।
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आयोग ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि AI से भ्रामक और गैरकानूनी कॉन्टेंट बनाकर उसे सोशल मीडिया पर फैलाने पर उसे 3 घंटे के अंदर हटा लेना होगा। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक पार्टी, प्रत्याशी या प्रचारक कोई भी अगर AI से बनाए गए कॉन्टेंट का इस्तेमाल करता है तो उसे यह स्पष्ट रूप से बताना होगा। वहां 'AI जेनरेटेड' लिखना होगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 के तहत, मतदान से 48 घंटे पहले टीवी, रेडियो अथवा सोशल मीडिया पर कहीं भी चुनाव प्रचार करने पर वह दंडनीय अपराध होगा।
कोई नागरिक, राजनीति पार्टी, प्रत्याशी या कोई आम व्यक्ति अगर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत आयोग द्वारा जारी वेबसाइट पर जाकर कर सकेंगे। बताया जाता है कि 15 मार्च से 19 अप्रैल के बीच इस वेबसाइट पर करीब 3 लाख 23 हजार 99 मामले जमा हुए हैं। इनमें से 98.01 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा अगले 100 मिनट के अंदर ही किया जा चुका है।